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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

World No Tobacco Day 2024: सैकड़ों लोगों की फ्री काउंसलिंग कर छुड़ाई तंबाकू की लत, बनाए 250 हेल्थ योद्धा

2019 से आइ एम अगेंस्ट टोबैको आर्गेनाइजेशन के फाउंडर प्रदीप चावड़ा लोगों में नशे की लत छुड़ाने के अभियान में जुटे हैं।

By Akhilesh GuptaEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Fri, 31 May 2024 01:54:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 31 May 2024 01:54:38 PM (IST)
World No Tobacco Day 2024: सैकड़ों लोगों की फ्री काउंसलिंग कर छुड़ाई तंबाकू की लत, बनाए 250 हेल्थ योद्धा
आइएमअगेंस्ट टोबैको आर्गेनाइजेशन के फाउंडर प्रदीप चावला को नीति आयोग द्वारा सम्मानित किया गया।

अखिलेश गुप्ता, सीहोर। वर्ष 2019 से आई एम अगेंस्ट टोबैको आर्गेनाइजेशन के फाउंडर प्रदीप चावड़ा लोगों की नशे की लत को छुड़ा रहे हैं। अब तक सैकड़ों लोगों की आनलाइन व आफलाइन 22 सौ से अधिक की फ्री काउंसलिंग कर नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर चुके है। खास बात यह है कि इसमें कई लोगों ने न सिर्फ नशे की लत को छोड़ा है। साथ ही इस संगठन से जुड़कर करीब 250 लोग हेल्थ योद्धा बनकर दूसरे को भी नशे की लत छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

आइ एम अगेंस्ट टोबैको आर्गेनाइजेशन के फाउंडर शहर में विगत पांच सालों से समाज में ऐसे लोगों को काउंसलिंग देते हैं, जो तंबाकू का सेवन गुटखा, पाउच एवं सिगरेट के रूप में करते हैं। प्रदीप चावला का कहना है कि मुंह के कैंसर जैसी लाईलाज एवं भयंकर बीमारी का जनक तंबाकू का सेवन माना जाता है। आज पूरी दुनिया में मुंह के केंसर के मरीज़ बढ़ते जा रहे हैं और जिसमें से सबसे ज्यादा भारत में है। यह बात जानकर आश्चर्य होंगा कि गांधी मेडिकल रिसर्च में पाया है कि भोपाल में दुनिया के सबसे अधिक मुंह के कैंसर के मरीज़ है, यहां 70 फीसद लोग तंबाकू का सेवन करते हैं। आज युवा पीढ़ी नशे की लत में डूबी हुई है। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी आफ स्कूल आफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने शोध किया कि धूम्रपान ने दिमाग सिकुड़ता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार एक लाख में 22.2 युवा एवं 29.2 युवतियां कैंसर की मरीज, देश के युवा पीढ़ी में बढ़ता धूम्रपान, 2025 तक सालाना संख्या कैंसर मरीजों की 1.78 से अधिक होंगी।


2023 में मिला बेस्ट सोशल अवार्ड

आई एम अगेंस्ट टोबैको आर्गेनाइजेशन के फाउंडर प्रदीप चावला को डिजीटल इंडिया व नीति आयोग द्वारा 2023 में बेस्ट सोशल अवार्ड से सम्मानित किया। चावला का कहना है कि मुंह के कैंसर के मरीज़ को देखकर मन में बहुत ज्यादा पीड़ा हुई। क्योंकि एक तरफ तो आर्थिक स्थिति से आदमी गुजर रहा होता है, वहीं ला ईलाज बीमारी के कारण पूरा घर बिखर जाता है। तब से एक सपना देखा कि पूरा भारत तंबाकू से मुक्त होना चाहिए। क्योंकि तंबाकू का सेवन केंसर, टीबी ह्रदय रोग आदि का जनक होता है। हमारे समाज में तंबाकू का सेवन करने वालो को कही से भी अच्छा नहीं माना जाता। लोग पाउच, गुटखा आदि खाकर साफ व स्वच्छ जगह को गंदा करते हैं। ऐसे लोगों को सामाजिक नहीं माना जाता। यहां तक कि लोग इनसे दूरी बनाते हैं। धीरे धीरे पहले तो पाउच, गुटखा खाने वाले जो हर कही थूक देते है, उन्हे समझाइश देते हैं। इन चीजों से बचने के लिए कभी-कभी झड़प हो जाती है। क्योंकि किसी को भी अच्छी बात इतनी आसानी से अच्छी नहीं लगती। यदि देखा जाएं तो अस्वच्छता में इन लोगों का बहुत बड़ा हाथ है। थूक के जरिए कीटाणु हमारे जूते एवं चप्पल में लगकर घर में प्रवेश कर जाते है जो घातक बीमारी पैदा कर देते हैं। एक बार की बात है जब ग्राउंड पर टहल रहा था। इसी दौरान मैंने देखा इस 7 साल का बच्चा चुपके से सिगरेट पी रहा था, वह अच्छे स्कूल का छात्र था, उस दिन लगा कि वाकई काउंसलिंग की बहुत आवश्यकता है।

फ्री आनलाइन-आफलाइन काउंसलिंग

जब इंटरनेट मीडिया पर फ्री आनलाइन काउंसलिंग की इमेज डाली तो लगातार पूरे प्रदेश से काल आते हैं, जो लोग ज्यादा पीड़ित है या आदि है सिगरेट, गुटखा एवं पाउच को लेकर उन्हें काउंसलिंग दी जाती है कि इससे शारीरिक नुकसान के साथ आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान है और किस तरह से जिंदगी के साथ-साथ पूरा परिवार बर्बाद होता है परेशान होता है।