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एमपी के किसान का कमाल... 2 साल में उगा डाला दुनिया का सबसे महंगा आम, ₹3 लाख किलो है कीमत

एक प्रगतिशील किसान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव बिकने वाले दुनिया के सबसे महंगे जापानी आम 'मियाजाकी' की सफल पैदावार कर हर किसी को हैरान कर द...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 04:21:40 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 04:21:40 PM (IST)
एमपी के किसान का कमाल... 2 साल में उगा डाला दुनिया का सबसे महंगा आम, ₹3 लाख किलो है कीमत
मियाजाकी आम की मिठास से महका सिवनी।

HighLights

  1. दुनिया के सबसे महंगे जापानी आम की खेती
  2. मियाजाकी आम की मिठास से महका सिवनी
  3. पेड़ पर पके दुनिया के सबसे दो महंगे आम

नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से कृषि जगत की एक बेहद दिलचस्प और अनोखी खबर सामने आई है। यहां के एक प्रगतिशील किसान ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव बिकने वाले दुनिया के सबसे महंगे जापानी आम 'मियाजाकी' की सफल पैदावार कर हर किसी को हैरान कर दिया है। इसे 'रेड गोल्ड' (लाल सोना) भी कहा जाता है। लेकिन इस कहानी का सबसे खूबसूरत मोड़ तब आया, जब इस बेशकीमती आम की फसल पकी, तो किसान ने इसे बेचने के बजाय एक विशेष स्थान पर ले जाकर समर्पित कर दिया।

कोलकाता से आया था यह नायाब पौधा

यह कारनामा सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड के अंतर्गत आने वाले पौनारकलां गांव के रहने वाले किसान धनसिंह राहंगडाले ने कर दिखाया है। धनसिंह ने करीब दो साल पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता से मियाजाकी आम का एक पौधा मंगवाया था। उन्होंने इसे एक प्रयोग के तौर पर अपने बगीचे में रोपा और बेहद जतन से इसकी देखभाल की। समय के साथ उनकी मेहनत रंग लाई और पौधे में दुनिया के इस सबसे दुर्लभ आम के फल आने शुरू हो गए।


पहले फल का मां काली को लगाया भोग

इस जापानी आम की खासियत इसके गहरे लाल रंग और लाजवाब मिठास में है। जब पेड़ पर पहली बार मियाजाकी के दो फल पूरी तरह पककर तैयार हुए, तो धनसिंह ने अपनी पुरानी पारिवारिक परंपरा को निभाया। वे अपने परिवार के साथ आष्टा के ऐतिहासिक काली मंदिर पहुंचे और दोनों आम माता रानी के चरणों में अर्पित कर दिए। धनसिंह का मानना है कि उनके बगीचे में जब भी किसी नए पेड़ पर पहला फल आता है, तो वे उसका पहला भोग मां काली को ही लगाते हैं, चाहे वह कितना भी कीमती क्यों न हो।

विदेशी किस्मों से महक रहा है 2 एकड़ का बगीचा

धनसिंह राहंगडाले ने अपने दो एकड़ के खेत को आम के एक बेहतरीन बगीचे में तब्दील कर दिया है। इस बगीचे में जहां 110 अलग-अलग तरह की देशी किस्मों के आम के पेड़ लहलहा रहे हैं, वहीं मियाजाकी जैसी 15 से अधिक विदेशी वैरायटी भी इस बगीचे की शोभा बढ़ा रही हैं। धनसिंह का कहना है कि यदि भविष्य में मियाजाकी आम के अच्छे खरीदार मिलते हैं, तो वे ग्राफ्टिंग (कलम लगाने) की तकनीक का उपयोग करके इसके पौधों की संख्या में और इजाफा करेंगे।

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आखिर क्यों इतना कीमती है मियाजाकी आम?

मूल रूप से जापान के मियाजाकी शहर में उगाए जाने वाले इस आम की मिठास, अनूठी सुगंध और औषधीय गुणों के कारण दुनिया भर में भारी मांग है। अपने रूबी जैसे गहरे लाल रंग की वजह से इसे 'रेड गोल्ड' का नाम मिला है। जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत 2 से 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाती है, वहीं भारतीय बाजारों में भी इसकी मांग के अनुसार यह 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकता है। सिवनी में इसकी सफल पैदावार ने मध्य प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी आधुनिक और बागवानी खेती के नए रास्ते खोल दिए हैं।