
सिवनी/बरघाट। वन्यप्राणियों के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। दोनों अपने तीन अन्य साथियों के साथ बुधवार रात शहद तोड़ने खामी की पहाड़ी में गए थे। अंधेरा होने के कारण मृतक बिजली के तार नहीं देख सके अैर इसकी चपेट में आ गए।
मृतक बरघाट के अतरी गांव के थे। घटना के बाद उनके साथ गए तीन साथियों ने गांव पहुंचकर थाने में जानकारी दी। गुस्र्वार सुबह बरघाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाते हुए मर्ग कायम कर लिया है। शिकार के लिए किन व्यक्तियों ने जाल बिछाया था यह अभी पता नहीं चल सका है।
एक को बचाने में गई दूसरे की जान
अतरी निवासी सुरेश टेंभरे (18), राम बघेल (30), राजेन्द्र भगत, जानकी चौधरी और शत्रुघन साहू खामी गांव स्थित पहाड़ी में शहद तोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी में अज्ञात व्यक्ति द्वारा जंगली जानवरों के शिकार के लिए 11 केवी बिजली लाइन से तार जोड़कर जमीन में बिछाए गए थे। जिसकी चपेट में सुरेश आ गया।
इसे बचाने राम बघेल दौड़ा तो वह भी करंट की चपेट में आ गया। घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना को देख उसके तीन साथी राजेन्द्र भगत, शत्रुघन साहू और जानकी चौधरी सदमे में आ गए। उन्होंने तुरंत वापस गांव आकर घटना की जानकारी ग्रामीणों और थाने में दी।
पुलिस ग्रामीणों से कर रही पूछताछ
बरघाट थाना प्रभारी अमित विलास दाणी ने बताया है कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से मृत हुए सुरेश और राम बघेल के शव पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस मामले में ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।
400 फीट दूर तक बिछा था तार
बिजली विभाग बरघाट के सहायक यंत्री अमित कुमार ने बताया कि उन्हें बुधवार रात खामी गांव की पहाड़ी में हुई इस घटना की जानकारी मिली थी। जानकारी मिलते ही उस क्षेत्र की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी। साथ ही अमले को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। मौके पर पाया गया कि अज्ञात लोगों ने 11 केवी बिजली लाइन से अवैध रूप से 10 से 12 बांस लगाकर 400 फीट दूर तक बिजली के तार बिछाए थे। घटना की शिकायत बरघाट थाने में की गई है।