
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा उर्फ ''कक्का जी'' सहित पांच लोगों के खिलाफ डूंडासिवनी थाने में शुक्रवार को एफआइआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 79 (महिलाओं के प्रति अशोभनीय टिप्पणी), 223(ए) (आदेश का उल्लंघन) और 126(2) (सदोष अवरोध) की धाराओं में आरोपितों पर प्रकरण दर्ज किया है।
इस मामले में विभिन्न विभागों में कार्यरत शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों ने 11 सितंबर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एकत्रित होकर 10 सितंबर को किसान जनजागरण यात्रा के दौरान किसान नेता शिवकुमार शर्मा उर्फ ''कक्का जी'' द्वारा महिला अधिकारी, कर्मचारियों पर टिप्पणी को आपत्तिजनक और अमर्यादित बताते हुए रोष व्यक्त किया।
नायब तहसीलदार राधिका पाठक की लिखित शिकायत पर डूंडासिवनी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर फरार आरोपितों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। इस दौरान अपर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में किसान नेता के खिलाफ तत्काल एफआइआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
डूंडासिवनी थाना प्रभारी चैनसिंह उइके ने बताया कि शिवकुमार शर्मा उर्फ ''कक्का जी'' (राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ) के अलावा धनसिंह ठाकुर, प्रीतम सिंह ठाकुर, सुभम दयाल पटेल तथा राजेश सोलंकी पर अपराधिक प्रकरण पुलिस ने दर्ज किया है। फिलहाल आरोपितों की सरगर्मी से तलाश जारी है।
एफआइआर में कहा गया है कि 10 सितंबर को प्रशासन ने आयोजकों को केवल मिशन स्कूल ग्राउंड में आम सभा की सशर्त अनुमति दी थी। लेकिन आयोजकों ने आदेश का उल्लंघन करते हुए आमाझिरिया-मंडला रोड बायपास पर 300 से 400 लोगों तथा लगभग 104 ट्रैक्टरों के साथ जमावड़ा लगाकर सड़क के आवागमन को अवरुद्ध किया, जिससे एंबुलेंस व आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सभा के दौरान मुख्य वक्ता शिवकुमार शर्मा ने सार्वजनिक मंच से अधिकारियों व महिलाओं के खिलाफ अशोभनीय व अपमानजनक टिप्पणी की गई। एफआइआर के अनुसार राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने 8 सितंबर को आवेदन देकर विभिन्न स्थलों पर आम सभा व वाहन रैली की अनुमति मांगी थी।
इस पर प्रशासन ने विधि-व्यवस्था व सुगम यातायात को दृष्टिगत केवल मिशन स्कूल में आम सभा आयोजित करने की सशर्त अनुमति दी थी। 10 सितंबर को सुबह 10 बजे पलारी तिराहा पर भीड़ एकत्रित होना प्रारंभ हुई। अनुमति प्राप्त स्थल मिशन स्कूल मैदान के स्थान पर आयोजकों ने आमाझिरिया-मंडला बायपास पर अनाधिकृत रूप से आम सभा आयोजित की।
किसान नेता की जनसभा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर जिले के शासकीय सेवकों में रोष है। सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में एफआइआर दर्ज कर किसान नेता पर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में शासकीय सेवकों ने ने कहा है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार सभी को है। लेकिन इसकी आड़ में मातृशक्ति व जिम्मेदार पदों पर पदस्थ महिला अधिकारियों के सम्मान को ठेस पहुंचाना अस्वीकार्य है। इससे संपूर्ण शासकीय अमले के मनोबल पर गहरा आघात पहुंचा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि दोषी व्यक्ति सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
भविष्य में ऐसे संगठनों को धरना-प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए जो शासकीय सेवकों की गरिमा का ध्यान नहीं रखते। साथ ही कार्यस्थलों पर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सख्त प्रशासनिक निर्देश जारी करने की अपील की गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि आवश्यक कार्रवाई हेतु मुख्य सचिव, डीजीपी, राज्य महिला आयोग और पुलिस अधीक्षक सिवनी को भी प्रेषित की गई है।
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