MP में इसी महीने यूसीसी लाएगी सरकार, सीएम मोहन यादव ने सिवनी में कहा
समान नागरिक संहिता कानून को सरकार इसी माह जुलाई में लागू करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मिलेट (मोटे अनाज) की खेती को प्रोत्साहित करने प्रदेश म...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 01 Jul 2026 06:44:15 PM (IST)Updated Date: Wed, 01 Jul 2026 06:49:40 PM (IST)
हेलीपेड में महिलाओं के साथ सेल्फी लेते मुख्यमंत्री। सौजन्य जनसंपर्क विभागHighLights
- किसानों को उचित मूल्य दिलाने धान पर भावांतर देगी सरकार।
- मप्र में कोदो-कुटकी की खेती से किसानों का जीवन बदला।
- प्रदेश के 3,941 किसानों को बांटा 3 करोड़ रुपये का बोनस
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने धान पर भी ’भावांतर योजना'' सरकार शुरू करेगी। इसके तहत बाजार मूल्य व सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य के बीच के अंतर का भुगतान सीधे किसानों के खातों में भेजकर उन्हें लाभांवित किया जाएगा।
सिवनी के पालीटेक्निक मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव के दौरान यह घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा किसानों के समक्ष की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अब कृषि भूमि पर बिजली कनेक्शन मात्र 5 रुपये में दिया जा रहा है, जो देश में सबसे कम है। समान नागरिक संहिता को लेकर भी सरकार को भारी समर्थन मिला है, जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों ने इसके पक्ष में अपनी राय दी है।
समान नागरिक संहिता कानून को सरकार इसी माह जुलाई में लागू करेगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मिलेट (मोटे अनाज) की खेती को प्रोत्साहित करने प्रदेश में चल रहे विशेष अभियान ने किसानों के जीवन में नई ऊर्जा का संचार किया है।
राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व प्रोत्साहन नीतियों के चलते आज प्रदेश के हजारों किसान कोदो-कुटकी को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल पारंपरिक फसलों को बढ़ावा देना है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना, आम नागरिकों को स्वास्थ्यवर्धक अनाज उपलब्ध कराना भी है।
सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की करोड़ों रुपये की संबल-बोनस राशि
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित धान महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 3,941 कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के खाते में 2.82 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि व मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 के अंतर्गत 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण किया। 2,829 मीट्रिक टन कोदो-कुटकी के लिए 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर किसानों के खातों में बोनस राशि सीधे ट्रांसफर की गई।
- मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने डिंडोरी में ''श्री अन्न'' (मोटे अनाज) के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
- इसके अलावा राज्य भर में कृषि कल्याण वर्ष के तहत किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
- कोदो-कुटकी जैसी फसलों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है और ये प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार देती हैं, जो इसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती हैं।
देश में ''मिलेट क्रांति'' का नायक बनेगा मध्य प्रदेश
- सरकार द्वारा किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने से लेकर उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने तक कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके तहत किसानों के खातों में सीधे बोनस राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे उनके उत्साह और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।
- सरकार की ओर से खेती के रकबे को बढ़ाने जो प्रयास किए जा रहे हैं, उससे यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में प्रदेश के हर क्षेत्र में कोदो-कुटकी की खेती बड़े पैमाने पर की जाएगी।
- प्रशासनिक स्तर पर भूमि रिकार्ड को अपडेट करने व सिंचाई की व्यवस्था को दुरुस्त करने भी लगातार काम चल रहा है। इस पूरी पहल का लक्ष्य न केवल प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को गति देना है, बल्कि पूरे देश में ''मिलेट क्रांति'' के नायक के रूप में मध्य प्रदेश को स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में मध्यप्रदेश के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। राज्य में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने ''अमृत सरोवर'' योजना लागू की है। देश में आज से प्रारंभ हुई वीवीजीरामजी योजना के तहत तालाब और जल स्रोत विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए दोस्ती में निःस्वार्थ मदद और सम्मान के महत्व पर भी जोर दिया। हेलीपेड से सभा स्थल पहुंचते समय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बबरिया गांव स्थित किसान के खेत में धान का रोपा (परहा) लगा रही महिलाओं के साथ धान की रोपाई की।
कार्यक्रम स्थल पहुंचकर विभिन्न विभाग थीम आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें धान बुवाई के आधुनिक कृषि यंत्र, प्राकृतिक खेती एवं प्राकृतिक बगीचे, कस्टम हायरिंग सेंटर, जीआई टैग एवं मिलेट्स उत्पाद, पीएमएफएमई उत्पाद, आम की विभिन्न किस्में, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प व मिट्टी कला उत्पाद, लघु वनोपज, स्थानीय उद्यमियों के उत्पाद, पोषण आहार प्रदर्शनी, डिजिटल जमीन, कृषिका एप तथा किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित स्टाल शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने 494.161 करोड़ रुपये के 629 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन भी कार्यक्रम स्थल पर किया।