• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • सिवनी

सिवनी: केस रफा-दफा करने में 1500 रुपये की रिश्वत मांग रहा था उप तहसील का लिपिक, लोकायुक्‍त ने पकड़ा

पकड़े गए आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)बी और 13(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

By Sanjay AgrawalEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Mon, 13 Jul 2026 04:40:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 13 Jul 2026 04:46:47 PM (IST)
सिवनी: केस रफा-दफा करने में 1500 रुपये की रिश्वत मांग रहा था उप तहसील का लिपिक, लोकायुक्‍त ने पकड़ा
आरोपित कोटवार

HighLights

  1. केस रफा-दफा करने में 1500 रुपये की रिश्वत मांग रहा था
  2. उपतहसील का लिपिक (कोटवार) लोकायुक्त ने छापामार
  3. कार्रवाई करते हुए कार्यालय से किया गिरफ्तार

नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जिले के केवलारी तहसील के अंतर्गत उगली उपतहसील कार्यालय में पदस्थ लिपिक (मूल पद कोटवार) कमलेश गनवीर को 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए जबलपुर लोकायुक्त टीम ने 13 जुलाई को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार सुरेखाखुर्द (तहसील केवलारी) गांव की रहने वाली आवेदिका रीना ठाकरे का अपने पड़ोसी से विवाद हो गया था।

इस विवाद के चलते उगली थाने में आवेदिका और उसके परिजनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(बी) और 135(3) के तहत कार्रवाई करते हुए इस्तगासा उपतहसील कार्यालय उगली में पेश किया गया था।

इसी केस को खत्म करने के एवज में ग्राम पौड़ी का कोटवार कमलेश गनवीर, जो कि उप तहसील कार्यालय में लिपिक का काम संभालता है, ने आवेदिका से 3000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। आवेदिका ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त एसपी कार्यालय में दर्ज कराई थी।


एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि शिकायत के सत्यापन में आरोपित कोटवार द्वारा रिश्वत की मांग करना पाया गया।

इसके बाद टीएलओ निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक शशिकला मर्सकोले के नेतृत्व में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने जाल बिछाया और 13 जुलाई को आरोपित कमलेश गनवीर को उसके कार्यालय में आवेदिका से 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)बी और 13(2) के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त संगठन लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहा है। आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी अपना काम करने रिश्वत की मांग करता है, तो वे बेझिझक पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में शिकायत की जा सकती है।