
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। पेंच टाइगर रिजर्व के कर्माझिरी कोर से लगे पट्टे वाले खेत में तीन साल पहले करंट फैलाकर इंडियन गौर (जंगली भैंसा) के शिकार का मामला सामने आया है।
तीन साल पहले हुए शिकार की सूचना विशेष कार्य बल (एसटीएफ) भोपाल से पेंच टाइगर रिजर्व के अमले को मिलने के बाद चार आरोपियों को हिरासत में लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार को घटनास्थल में जेसीबी से खुदाई के दौरान पेंच टाइगर रिजर्व के टीम को मौके से खेत में दफनाए गए जंगली भैंसा के अवशेष व कंकाल मिला है।
आरोपियों ने वन्यजीव को मौत होने पर ट्रैक्टर से खींचकर उसका शवा अपने खेत में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया था। वन विभाग ने जेसीबी की मदद से जमीन खोदकर कंकाल व अन्य अवशेष बरामद कर लिए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में राजकुमार सरेआम (48), आशीष उइके, लक्ष्मण उइके और राजाराम बट्टी शामिल हैं। लक्ष्मण उइके कुंभपानी का निवासी है, जबकि अन्य तीनों कर्माझिरी के रहने वाले हैं।
राजाराम बट्टी वर्तमान में नया कर्माझिरी में विस्थापित हो चुका है। शिकार में उपयोग ट्रैक्टर और अन्य उपकरणों को जब्त करने में वन अमला लगा है। प्रकरण में विस्तृत जांच जारी है।
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