
नईदुनिया प्रतिनिधि, सिवनी। जिले के लखनादौन थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे-44 में मड़ई के पास 31 अगस्त की रात 5 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस कंट्रोल रूम में लूट का राजफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि 17 सौ किमी दूर केरल के त्रिशूल जिले से आकर लूट की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के तीन शातिर लुटेरे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर एक सप्ताह की लंबी छानबीन के बाद आरोपितों के घर पहुंची लखनादौन पुलिस टीम केरल से आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड में सिवनी लेकर आई है।
खिलौना खरीदने जबलपुर से मुंबई जा रहे व्यापारी से साथ दो कार वाहन से घटनास्थल पहुंचे आरोपितों ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। वारदात से पहले गिरोह में शामिल आरोपित सिवनी की एक होटल में कमरा लेकर रुके थे।
गिरोह का मास्टर माइंड सहित अन्य आरोपित की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। व्यापारी से लूटी गई रकम 5 लाख रुपये व घटना में उपयोग कार वाहनों की बरामदगी होना बाकी है। गिरफ्तार तीनों आरोपितों पर केरल में आरोपितों पर कई अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
ट्रांजिट रिमांड पर लखनादौन लाए गए आरोपितों ने पुलिस की पूछताछ में अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। पूछताछ में गिरोह के अन्य पांच आरोपितों के नाम सामने आए है, जिनकी तलाश जारी है।
घटना से पूरे गिरोह ने रैकी की थी, इसमें स्थानीय लोगों की संलिप्तता तो नहीं है, पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। एसपी कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन, एएसपी दीपक मिश्रा व एसडीओपी लखनादौन अपूर्व भलावी के नेतृत्व में केरल से एक अंतर्राज्यीय लुटेरे गिरोह को पकड़ने की कार्रवाई को लखनादौन की पुलिस टीम ने पकड़ा है।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी सगताराम (30) निवासी गंगासरा ने 4 सितंबर को लखनादौन थाना में दर्ज शिकायत में बताया था कि 31 अगस्त की रात लगभग 12 बजे वह अपने साथी जेठाराम के साथ क्रेटा कार (एमएच 27 डीयू 6216) में जबलपुर से मुंबई जा रहा था।
मड़ई टोल पार करने के बाद एक इनोवा कार (एमएच 04 सीजे 8534) ने उनकी गाड़ी के आगे लगाकर उन्हें रोक लिया और बदमाशों ने लोहे के पाइप से कार के कांच तोड़ दिए। जब प्रार्थी ने कार वापस मोड़ने का प्रयास किया तो आगे खड़ी एक पीले रंग की नंबर प्लेट वाली वैगनआर कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
डर के मारे प्रार्थी और उनका साथी गाड़ी छोड़कर भाग गए। कुछ देर बाद वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि कार में रखा 5 लाख रुपये का बैग गायब था। पुलिस ने इस मामले में धारा 309(4), 324(5), 126(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।
घटना की गंभीरता पर पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मौका निरीक्षण कर जांच दल गठित किया। पुलिस टीम ने हाईवे व संभावित रास्तों के लगभग 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज से मिले सुराग पर केरल की गैंग तक पहुंचने पुलिस ने टीम को भेजा गया।
टीम ने त्रिशूर जिले से आरोपित प्रवीण पुत्र प्रकाशन (33) थाना कोडकारा, जिजो केजे पुत्र जानी (38) थाना अलूर तथा अरुण पीसी पुत्र चंद्रन (56) थाना मनाकुलंगारा सभी निवासी जिला त्रिशूर को गिरफ्तार किया। पकड़े गए तीनों आरोपित आदतन अपराधी हैं, जिनके खिलाफ केरलम के कोडकारा, अलूर और चलाकुडी थानों में आर्म्स एक्ट, मारपीट, बलवा तथा धोखाधड़ी जैसे कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरी लूट का मास्टरमाइंड सलीश केवी है। पुलिस फिलहाल मास्टरमाइंड सलीश, गैंग के अन्य फरार आरोपितों, लूटी गई 5 लाख रुपये की रकम और घटना में प्रयुक्त दोनों वाहनों (इनोवा और वैगनआर) की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इस जटिल लूट का राजफाश करने में लखनादौन एसडीओपी अपूर्व भलावी, उपपुलिस अधीक्षक तथा थाना प्रभारी लखनादौन केपी धुर्वे के अलावा आदेगांव थाना प्रभारी आशीष धुर्वे, छपारा थाना के एसआइ सुक्कुलाल उइके, सायबर सेल के एएसआइ देवेन्द्र जायसवाल, लखादौन थाना के एएसआइ प्रदीप कुमार शर्मा, एएसआइ भारतीय, प्रधान आरक्षक अरुण पटेल, अजय बघेल, दीपेश मेहरा, अमर उइके, संतोष साहू, जितेश ठाकुर, रजनी धुर्वे, आरक्षक लखनलाल उइके, धनेश्वर यादव, रामनरेश कैथवास, अमित रघुवंशी, रवि यादव, लकेश पटले, नितेश बट्टी शामिल रहे।
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