
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। शहडोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के आखेटपुर पंचायत के डाला टोला में बदहाल सड़क ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। 70 वर्षीय श्यामकली पटेल का शव एंबुलेंस से तो गांव तक पहुंच गया, लेकिन घर से महज एक किलोमीटर पहले कीचड़ से सने रास्ते ने एंबुलेंस के पहियों को रोक लिया। मजबूर परिजनों को शव को बैलगाड़ी पर रखकर करीब एक किलोमीटर तक कीचड़ भरे रास्ते से घर ले जाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत आखेटपुर के वार्ड नंबर-1 डाला टोला निवासी 70 वर्षीय श्यामकली पटेल का नागपुर में उपचार के दौरान निधन हो गया था। परिजन उनका शव एंबुलेंस से गांव लेकर पहुंचे। लेकिन बारिश के बाद सड़क की हालत ऐसी बिगड़ी थी कि जगह-जगह कीचड़ और दलदल हो गया था, जिससे चार पहिया वाहन का आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। एंबुलेंस को एक किलोमीटर पहले ही रोकना पड़ा।
यह सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की हकीकत है। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल का कहना है कि डाला टोला तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया है।
ग्रामीणों ने कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। सवाल उठ रहा है कि जब किसी गांव में जीवित व्यक्ति के लिए एंबुलेंस और मृतक के लिए अंतिम यात्रा तक सड़क उपलब्ध नहीं हो, तो फिर विकास की योजनाओं का लाभ आखिर किस तक पहुंच रहा है।