
शहडोल। इन दिनों मौसम की बेरूखी के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। स्थिति यह है कि मौसमी बुखार और उल्टी दस्त का शिकार लोग हो रहे हैं। वहीं बुधवार को ग्राम चन्नौड़ी निवासी एक मासूम की तेज बुखार के चलते मौत भी हो गई है। इस समय जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड की हालत देखने लायक है। यहां जितने बेड हैं उससे अधिक मरीज भर्ती हैं। मेडीकल के दोनों वार्ड फुल हैं और स्थिति यह है कि यहां पैर रखने तक की जगह नहीं है। उल्लेखनीय है कि इन दिनों हर साल बारिश होती थी, लेकिन इस बार मौसम उलट गया है जिसके चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त है।
यह है स्थिति
जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बुखार और उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या में रोज इजाफा हो रहा है। मेल वार्ड में उल्टी दस्त के 20 और बुखार के 45 मरीज भर्ती हैं। वहीं फीमेल वार्ड में उल्टी दस्त के 15 और बुखार से पीड़ित 50 महिलाएं भर्ती हैं। जिन्हें बेड नहीं मिला है वे मरीज जमीन पर लेटकर उपचार करा रहे हैं।
बढ़ा मलेरिया का प्रकोप
इस समय ग्रामीण क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप भी बढ़ गया है। बुधवार को ढाई साल के मासूम देवराज पिता गोपतराम निवासी चन्नौड़ी की मलेरिया से मौत हो गई है।
यह बात देवराज का उपचार कर रही नर्स स्टाफ ने बताई। देवराज को 18 अगस्त की सुबह जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया था। 20 अगस्त की दोपहर तीन बजे के आसपास उसकी मौत हो गई।
मौसम का असर है
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ.आरके सिंह का कहना है कि मौसम का असर देखने को मिल रहा है। इस समय पानी ठीक से नहीं गिरा जिसके कारण मौसमी बीमारी बढ़ी हैं। इस मौसम में इस तरह के केस आते ही हैं। बच्चों से लेकर बड़े तक मौसमी बीमारी की चपेट में हैं।