
रविंद्र वैद्य, शहडोल। मध्य प्रदेश के हस्तशिल्प और काष्ठ कला (लकड़ी की कारीगरी) का हुनर अब देश की राजधानी दिल्ली में अपनी चमक बिखेर रहा है। शहडोल जिले के सुप्रसिद्ध शिल्पकार केदार साहू इन दिनों दिल्ली हाट में आयोजित प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत मध्य प्रदेश से चयनित होकर पहुंचे केदार साहू न केवल अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की दिल्ली में जबरदस्त मांग देखी जा रही है।
दिल्ली हाट में 15 जनवरी से लगे स्टाल में केदार साहू द्वारा विजयसार की लकड़ी से तैयार किया गया 'डायबिटीज कप' लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। अब तक वे 200 से अधिक ऐसे कप बेच चुके हैं। केदार साहू के अनुसार, यह कप प्राकृतिक रूप से इंसुलिन पैदा करने में सहायक होता है। इसमें रात भर पानी भरकर रखने और सुबह उसका सेवन करने से डायबिटीज (मधुमेह) को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इस कप की उपयोगिता और मांग ने इसे मेले के सबसे चर्चित उत्पादों में से एक बना दिया है।
केदार साहू की कलात्मकता का लोहा अब केंद्र सरकार ने भी माना है। उनके द्वारा ख़मार की लकड़ी से तैयार किया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक भव्य पोर्ट्रेट (15x12 इंच) विशेष रूप से चर्चा में है। इस कलाकृति को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में लगाने के लिए चुना गया है, जो शहडोल जिले के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। केदार साहू को उम्मीद है कि दिल्ली हाट के दौरान जब प्रधानमंत्री का दौरा होगा, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से उनसे मिलने का अवसर प्राप्त होगा।
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पिछले 12 वर्षों से लकड़ी के अत्याधुनिक फर्नीचर और हस्तशिल्प के क्षेत्र में सक्रिय केदार साहू युवा शिल्पियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं। उनकी इसी मेहनत और हुनर के कारण उन्हें 'अतुल्य भारत अवार्ड' से भी नवाजा जा चुका है। दिल्ली हाट से पहले वे इंटरनेशनल स्तर के आयोजन 'एयरोसिटी' में भी अपना स्टाल लगा चुके हैं। उनकी यह सफलता साबित करती है कि यदि हुनर में दम हो, तो स्थानीय कला को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलने में देर नहीं लगती।