
नईदुनिया प्रतिनिधि, शहडोल। बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल मिल सके, इसलिए अभिभावक भरोसे के साथ उन्हें छात्रावास में भेजते हैं। छात्रावासों में अनुशासन बनाए रखने के लिए कई कड़े नियम भी बनाए गए हैं, जिसमें मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध प्रमुख है।
वीडियो में 3 से 4 छात्राएं छात्रावास के मुख्य गेट के बाहर और अंदर के परिसर में डांस करते हुए वीडियो बनाती दिख रही हैं। यह वीडियो इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर जमकर शेयर किया जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब बालिका छात्रावास में छात्राओं को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है, तो परिसर के अंदर मोबाइल पहुंचा कैसे और छात्राएं गेट से बाहर निकलकर वीडियो कैसे बना रही थीं। इस घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
अभिभावकों का कहना है कि छात्रावास में बच्चियों की सुरक्षा और निगरानी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि नियमों में इस तरह की ढील दी जा रही है तो छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजमी है। वहीं छात्रावास प्रबंधन की कार्यप्रणाली और अधीक्षिका की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांसुकली के प्रभारी प्राचार्य सतेंद्र यादव ने बताया कि वीडियो की जानकारी मिलते ही उन्होंने मामले की पड़ताल की। जांच में सामने आया कि वीडियो में दिख रही छात्राओं के माता-पिता उनसे मिलने छात्रावास आए थे। इसी दौरान छात्राओं ने अपने अभिभावकों का मोबाइल लेकर रील बनाई और बाद में वह वायरल हो गई।
प्राचार्य के अनुसार छात्रावास में छात्राओं के पास निजी मोबाइल नहीं है और नियमों का पालन कराया जा रहा है। फिर भी इस घटना के बाद छात्रावास की व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और अधीक्षिका को हिदायत दी गई है कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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