
शहडोल। गुड फ्र ाईडे पर शहर के ईएलसी चर्च के अलावा सभी गिरजाघरों में प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को याद करते हुए सुबह प्रार्थना सभाएं हुईं। इस मौके पर फादर, पास्टर, सिस्टर व ईसाई समाज के महिला पुरूषों व बुजुर्गों व बच्चों ने अपनी सहभागिता निभाई। प्रार्थना में प्रभु से सभी के भले व अमन की प्रार्थना की गई।
ईसाई महासंघ के डॉ. क्रिस्टी अब्राहम ने बताया कि यीशु प्रेम क्षमा व अहिंसा का प्रचार करते थे इसलिए उनका विरोध हुआ करता था। उनके ऊपर झूठा आरोप लगाकर क्रूस पर चढ़ा दिया गया। वे निर्दोष थे फिर भी उनको प्राणदंड दिया गया। सिस्टर सुजाता ने बताया कि प्रताड़ना के बाबजूद प्रभु यीशु मसीह ने अपना बलिदान देना स्वीकार किया। इसी को याद करते हुए विशेष प्रार्थना हुई।