
Shahdol News : शहडोल, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले में खरीफ की खेती के लिए अभी तक जरूरत के अनुसार कृषि विभाग के पास रासायनिक खाद का भंडारण नहीं है।15 जून के बाद खेती का सीजन शुरू होते ही खाद की मांग बढ़ जाती है। यदि इसी तरह भंडारण की स्थिति रही तो मांग बढ़ते ही दिक्कत शुरू होगी। किसानों ने खाद की खरीद शुरू कर दी है और धीरे-धीरे केंद्रों में भीड़ बढ़ने लगी है। वर्तमान में 8 हजार 361 मीट्रिक टन खाद केंदों में उपलब्ध है, जिसमें सभी तरह की Fertilizer शामिल है। जरूरत इससे दोगुना की है। कृषि विभाग ने मांग भी इसी हिसाब से की है।
इस खरीफ सीजन में इतनी ही खाद की जरूरत पड़ेगी ऐसा विभाग का मानना है। अभी तक 50 प्रतिशत खाद का भंडारण हो चुका है जिसमें यूरिया और डीएपी की मात्रा सर्वाधिक है। वर्तमान में 3000 मीट्रिक टन यूरिया और 2000 मीट्रिक टन डीएपी का भंडारण है। पीने दो तरह की खाद का सर्वाधिक उपयोग किसान करते हैं। जिले के 37 केंद्रों में खाद के वितरण की व्यवस्था की गई है। यह सभी केंद्र जिला सहकारी समितियों के हैं। जैसे-जैसे खरीफ सीजन की खेती का समय नजदीक आ रहा है उसे रफ्तार से किसान खाद की खरीदी करने के लिए केंद्रों में पहुंच रहे हैं।
कृषि विभाग ने खरीफ की खेती की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार 245150 हेक्टर में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बार जिले में धान की खेती का रकबा घटाया गया है। यहां खरीफ सीजन में सर्वाधिक धान की खेती होती है। किसानों को दलहन तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य इस बार धान की खेती का रकबा कम किया गया है। कोदो कुटकी की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कभी रखवा इस वर्ष दो हजार हेक्टेयर बढ़ाया गया है।
कहते हैं किसान
जिले के सोहागपुर क्षेत्र के किसान मानिक सिंह का कहना है कृषि विभाग द्वारा खाद का पर्याप्त भंडारण अभी तक नहीं किया गया है। 15 दिन बाद यदि बारिश हुई तो खेती का काम शुरू हो जाएगा, तब खाद की किल्लत होने लगेगी। अभी भी किसानों सभी केंद्रों में खाद नहीं दी जा रही है। किसानों का बकाया सोसाइटी में देखने के बाद ही खाद दी जा रही है। ऐसे में कई किसान अभी खाद नहीं खरीद पा रहे हैं। जैसे ही सीजन शुरू होगा एक साथ भीड़ बढ़ेगी तब खाद की किल्लत शुरू हो जाएगी। हर साल जब जरूरत पड़ती है तब किल्लत हो जाती है। यूरिया और डीएपी की कमी अभी से बताने लगे हैं। कोशिश की जा रही है किसान पहले कोई दूसरी खाद ले ले इसके बाद इन्हें यूरिया व डीएपी डीएपी दिया जाए।
उप संचालक कृषि अमर सिंह बोले-जिले में अभी खाद की मांग बहुत अधिक नहीं है। हमारे पास पर्याप्त उपलब्ध है। लगातार आवंटन प्राप्त हो रहा है। किसानों को खाद बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी।