• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • शहडोल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shahdol News : शहडोल में नहीं थम रही दगना प्रथा, फिर एक मासूम चढ़ गई इसकी बलि

Shahdol News : पटासी गांव की तीन माह की बच्ची को 4 दिन पहले जिला अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। अन्‍य डेढ़ माह के शिशु को पेट फूलने पर दागा।

By Dheeraj kumar BajpaiEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 22 Dec 2023 11:13:11 AM (IST)Updated Date: Sat, 23 Dec 2023 09:56:30 AM (IST)
Shahdol News : शहडोल में नहीं थम रही दगना प्रथा, फिर एक मासूम चढ़ गई इसकी बलि

HighLights

  1. डेढ़ माह के शिशु को पेट फूलने पर दागा।
  2. कोटमा गांव में दादी ने एक महीने पहले दागा था।
  3. पीआइसीयू में 20 दिसंबर को भर्ती कराया गया है।

Shahdol News : शहडोल/ नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला मुख्यालय की पटासी गांव की तीन माह की बच्ची को 4 दिन पहले जिला अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था। बच्‍ची की निमोनिया के चलते मौत हो गई है बताया गया है कि इसकी हालत गंभीर थी इसके पेट में दागने के निशान भी मिले हैं। वहीं बंधवा निवासी राजन बैगा पिता हर्षलाल बैगा उम्र 1 माह 15 दिन के पेट में कई जगह दागने के निशान हैं। बच्चे को जिला चिकित्सालय के पीआइसीयू में 20 दिसंबर को भर्ती कराया गया है।

रागनी के पेट में दागने के कई निशान थे

पटासी निवासी रागनी बैगा पिता रामजी बैगा उम्र तीन माह की जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची की मौत का कारण चिकित्सकों ने निमोनिया बताया है। बताया गया है की रागनी की तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो ऐसे 17 दिसंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 19 दिसंबर की रात में इसकी मौत हुई है मामला तीन दिन पहले का है। रागनी के पेट में दागने के कई निशान थे। बच्ची के पेट में ऐसी कोई जगह नहीं थी जहां दागने के निशान न हो।


कोटमा गांव में दादी ने एक महीने पहले दागा था

महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर शाहीन अंजुम का कहना है कि रागिनी को उसकी दादी जो कोटमा गांव में रहती है उसके द्वारा एक महीने पहले दागा गया था इनका कहना है कि अभी हाल ही में जब बच्ची को निमोनिया हुआ तब उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद उसकी इलाज के दौरान मौत हुई है।

डेढ़ माह के शिशु को पेट फूलने पर दागा

हर्षलाल बैगा की पत्नी रामबाई बैगा अपने डेढ़ माह के बच्चे राजन को लेकर अपने मायके बकेली गई हुई थी। वहां बच्चे का स्वास्थ्य खराब हो गया। पसली चलने व पेट में सूजन आने की वजह से बच्चे का इलाज कराने की वजाय रामबाई की मां गांव की ही दाई को बुला लाई। दाई ने गर्म चूडिय़ों से बच्चे के पेट में 12 से अधिक बार दागा है। इसके बाद बच्चे की तबियत में सुधार न होने 20 दिसंबर को जिला चिकित्सालय शहडोल में भर्ती कराया गया। इसकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है।