
नईदुनिया प्रतिनिधि, आगर-मालवा। आगर-मालवा जिले में 3800 करोड़ रुपये की मैक्केन फूड परियोजना शुरू हो रही है। इससे करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, लालूखेड़ी में 200 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जा रहा है। इससे आलू की खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों के लिए नए अवसर बनेंगे।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को आगर की नवीन कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को हरदा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के साथ कृषि को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आगर और सुसनेर के संतरे की देशभर में पहचान है। जिले में गोपालन और दुग्ध उत्पादन की भी विशेष संभावनाएं हैं। सांची दुग्ध ब्रांड की बाजार हिस्सेदारी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। उन्होंने वर्ष 2027 तक गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सालरिया गो-अभयारण्य सहित जिले की गोशालाओं में 20 हजार से अधिक गोवंश की देखभाल हो रही है। सरकार गोशालाओं को प्रति गोवंश प्रतिदिन 40 रुपये सहायता देती है।
गोपालन पुरस्कार योजना में प्रत्येक विकासखंड के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को क्रमशः एक लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।
कृषक कल्याण वर्ष के तहत मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया। कार्यक्रम में सांसद रोडमल नागर और किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने भी विचार रखे। उन्होंने खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने और किसानों को नए अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।