शाजापुर। शुजालपुर और कालापीपल जनपद क्षेत्र में तीसरे चरण का मतदान छुट-पुट विवाद, शिकायत के बीच शांती से निपट गया। शुक्रवार को संपन्ना हुए तीसरे चरण के मतदान के साथ ही त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव के मतदान का कार्य पूर्ण हो गया है। अब परिणाम और जिला पंचायत अध्यक्ष के निर्वाचन पर सबकी निगाह हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दो चरण में छुट-पुट शिकायत और विवाद जरूर सामने आए किंतु कोई अनहोनी नही हुई। जबकि तीसरे चरण में एक केंद्र के सहायक पीठासीन अधिकारी के दुखद निधन की अनहोनी तीसरे चरण में सामने आई। बताया जा रहा है कि मृतक का स्वास्थ्य पहले से खराब था, उन्होंने चुनाव कार्य से अलग रखने के लिए अफसरों से आग्रह करने के साथ आवेदन भी दिए थे। किंतु सुनवाई नही हुई। अंत में वह चुनाव ड्यूटी पर आए और स्वास्थ्य खराब होने के बाद उनका निधन हो गया। सहायक पीठासीन अधिकारी के निधन के अलावा चुनाव ड्यूटी के दौरान एक एसआई का स्वास्थ्य भी खराब हुआ। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
पहले दो चरणों की तरह ही मतदाताओं में तीसरे चरण में भी खासा उत्साह देखा गया। मतदान में केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारे लगी रही। उन्हें अपनी बारी के लिए काफी देर इंतदार भी करना पड़ा। तीसरे चरण में एक साथ दो जनपद क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदान केंद्र पर चुनाव होना था। इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने पूरी ताकत झोंकी दी थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अन्य सुरक्षा अमला तैनात किया गया। शाजापुर के साथ ही पड़ोसी जिले देवास से भी पुलिस, होमगार्ड और विसबल के सुरक्षाकर्मी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए थे। सबकी मेहनत और सतर्कता की बदौलत तीसरा चरण भी शांतिपूर्ण संपन्ना हो गया। हालांकि एक केंद्र पर मतदान दल के अधिकारी से हल्की मारपीट का मामला भी सामने आया है। बहरहाल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीनों चरण का मतदान संपन्ना हो गया है। जिससे पुलिस, प्रशासन के साथ ही शिक्षा व अन्य विभागों ने राहत की सांस ली है। अब जिम्मेदार नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान की तैयारी में जुटेंगे।
दिव्यांगों एवं बुजुर्गों ने भी दिखाया जज्बा और उत्साह
लोकतंत्र के महापर्व में दिव्यांगों एवं बुजुर्गों ने भी जज्बा और उत्साह दिखाया और केंद्रों पर पहुंचकर मतदान कर अपना फर्ज निभाया। तिलावद मैना में नेत्रहीन एवं लकवाग्रस्त दिव्यांग 65 वर्षीय कमलाबाई नारायणसिंह ने अपनी अपंगता के बावजूद मतदान किया। इसी तरह अरनियाकलां में 100 वर्षीय जमनाबाई, 60 वर्षीय सम्पतबाई, 75 वर्षीय कौशल्याबाई, 70 वर्षीय लक्ष्मीबाई, 80 वर्षीय रेशमबाई, 84 वर्षीय मीराबाई ने भी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पटलावदा में 95 वर्षीय वृद्धा ने मतदान किया। इसी तरह ग्राम पंचायत रसलपुर के 108 वर्षीय राजाराम ने भी अपने क्षेत्र के मतदान केंद्र में मतदान किया।
सहायक पीठासीन अधिकारी की मौत बेटा बोला ड्यूटी निरस्त नहीं की
मतदान प्रारंभ होने के पहले ही शुजालपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कडवाला के मतदान केंद्र पर तबीयत बिगड़ने से 61 वर्षीय राधेश्याम पुत्र हुकुम सिंह डडानिया की मौत हो गई। वह ग्राम कडवाला के मतदान केंद्र पर सहायक पीठासीन अधिकारी के रूप में मतदान कराने पहुंचे थे। तभी मतदान की पूर्व रात्री करीब दो बजे उनका स्वास्थ्य खराब होने पर साथी कर्मचारियों ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को सूचना दी। उन्हें शुजालपुर सिटी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृत्यु का कारण संभवत? हृदयाघात माना जा रहा है। किंतु स्पष्ट कारण पीएम रिपोर्ट आने के बाद सामने आ सकेंगे। राधेश्याम डडानिया बेरछा के पास स्थित ग्राम रंथभंवर के रहने वाले थे। मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता का सोडियम बढ़ा होने की शिकायत थी।
अस्वस्थ होने के कारण बेटे ने अधिकारियों से आवेदन देकर पिता को चुनाव ड्यूटी से विरक्त करने संपर्क किया था। अफसरों ने तीन चिकित्सकों से प्रमाणीकरण लाने को कहा था, जिसके बाद पिता चुनाव ड्यूटी पर आ गए थे। वह ग्राम पिपलिया इंदौर, जिला शाजापुर में प्रधान शिक्षक के रूप में पदस्थ थे। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर के बाद गृह ग्राम रंथभंवर में किया जाएगा।
एसआई की तबीयत हुई खराब अस्पताल में भर्ती किया
अंतिम चरण के चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था में सुनेरा थाना क्षेत्र की उकावता चौकी प्रभारी एसआई रामरुपसिंह परमार की ड्यूटी लगी थी। शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। जिस पर तत्काल उन्हें शुलाजपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उच्च उपचार व जांच के लिए जिला अस्पताल शाजापुर रैफर कर दिया गया।
जानकारी अनुसार परमार को चुनाव में रिजर्व पुलिस बल के रूप में ड्यूटी पर बुलाया गया था। तभी उन्हें पसीना और चक्कर आए। इस पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया। डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर उपचार और जांच आदि कराने की सलाह दी है।