शाजापुर के मक्सी में बिजली के पोल में लगी आग से मचा हड़कंप, व्यवस्था फेल, टला बड़ा हादसा
शहर में विद्युत व्यवस्था की एक बार फिर पोल खुल गई है। भीषण उमस और गर्मी के बीच अचानक एक विद्युत पोल में आग लगने की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत मंडल कर्मचारियों की लापरवाही और लूज कनेक्शन के कारण पोल में स्पार्किंग हुई, जिसने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया।
Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 08:44:14 AM (IST)Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 08:44:14 AM (IST)
इस तरह जल उठा बिजली का पोल। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- लापरवाही और लूज कनेक्शन के कारण पोल में स्पार्किंग हुई, जिसने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया
- कॉलोनीवासियों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कोई मौके पर नहीं पहुंचा
- इस दौरान आग लगातार बढ़ती गई और पोल धधकता रहा
नईदुनिया न्यूज, मक्सी (शाजापुर)। शहर में विद्युत व्यवस्था की एक बार फिर पोल खुल गई है। भीषण उमस और गर्मी के बीच अचानक एक विद्युत पोल में आग लगने की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत मंडल कर्मचारियों की लापरवाही और लूज कनेक्शन के कारण पोल में स्पार्किंग हुई, जिसने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कॉलोनीवासियों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस दौरान आग लगातार बढ़ती गई और पोल धधकता रहा। गनीमत रही कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, उसके पास कोई मकान नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
सीसीटीवी कैमरे भी जल गए
आग की चपेट में आकर नगर परिषद द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी जलकर खाक हो गए, जिससे न केवल आम जनता को बिजली संकट झेलना पड़ा, बल्कि शासन को हजारों रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा।
स्थानीय रहवासियों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर विद्युत विभाग कार्रवाई करता, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही आम जनता की जान-माल के लिए खतरा बनी रहेगी?
बारिश के पूर्व मेंटेनेंस किया था, तो उसका क्या हुआ?
वहीं लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब कंपनी ने बारिश के पूर्व मेंटेनेंस किया था, तो उसका क्या हुआ? मेंटेनेंस के नाम पर कई दिनों तक घंटों कटौती की गई, जिसके चलते लोगों को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। अगर मेंटेनेंस बेहतर ढंग से किया गया होता तो ऐसी नौबत ही नहीं आती। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो कभी भी कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।