
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर : विशेष पाक्सो अदालत शाजापुर ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पांच दोषियों को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपित मयंक उर्फ गोलू विश्वकर्मा उम्र 30 वर्ष निवासी सारंगपुर रोड अकोदिया मंडी जिला शाजापुर, शाहदत उर्फ राजा उम्र 26 वर्ष निवासी अकोदिया मंडी जिला शाजापुर, अनस उर्फ अनीस खां उम्र 24 वर्ष निवासी संजय कालोनी अकोदिया जिला शाजापुर, दुर्गेश राठौर उम्र 28 वर्ष निवासी भागीरथ चौराहा शाजापुर, सुनीता राठौर उम्र 54 वर्ष निवासी भागीरथ चौराहा नगर शाजापुर को आजीवन कारावास व अर्थदंड से दंडित किया गया है।
मीडिया सेल प्रभारी/ जिला अभियोजन अधिकारी अजाक शाजापुर प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि 26 जून 2025 को पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना शुजालपुर मंडी पर पीड़िता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 30 जून को उसे पुलिस ने ढूंढ लिया।
पीड़िता ने महिला पुलिस अधिकारी को बताया कि उसे घर वाले पगली - पगली बोलते थे, उसे अच्छा नहीं लगता था। इसलिए वह रात 11-12 बजे घर से निकल कर पैदल-पैदल अकोदिया नाके तरफ से फुलेन गांव तरफ जा रही थी। पीछे से आए लोडिंग वाहन में सवार युवक मयंक विश्वकर्मा और शाहदत उर्फ राजा ने डराकर उसे वाहन में बैठा लिया। इसके बाद मयंक ने अनस को मोबाइल फोन करके ऑटो रिक्शा बुलाया।
पीड़िता को रिक्शा से ढाबे पर लेकर गये। ढाबे के तलघर में मयंक, राजा और अनीस ने सामूहिक दुष्कर्म किया। फिर मयंक की मौसी सुनीता राठौर शाजापुर के यहां लेकर आये। मयंक ने उसकी मौसी सुनीता बाई से कहा कि आपके बेटे दुर्गेश की शादी नहीं हो रही है, तो हम लड़की लेकर आये है।
दुर्गेश ने दो दिन तक पत्नी बनाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद दुर्गेश और उसकी मां सुनीता उसे मयंक के घर अकोदिया छोड़ने गये। वहां मयंक की पत्नी थी। यहां से उसे मयंक के इंदौर स्थित किराए के घर ले गए। वहां पर भी दुर्गेश और मयंक ने दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे इंदौर से सारंगपुर की बस में बैठा दिया।
पीड़िता सारंगपुर से बस से उतरकर अकोदिया आई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे दस्तयाब किया। प्रकरण में शासन की ओर से रमेश सोलंकी विशेष लोक अभियोजक जिला शाजापुर एवं प्रदीप कुमार भटेले विशेष लोक अभियोजक जिला शाजापुर द्वारा पैरवी की गई।
मेडिकल परीक्षण के बाद पीड़िता और आरोपितों का डीएनए मिलान महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुआ। न्यायालय ने निर्णय में यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई महिला किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर रेप कराने की साझा मंशा रखती है या उस अपराध में सहायता करती है तो उसे भी सामूहिक दुष्कर्म के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके लिए महिला का स्वयं शारीरिक कृत्य में शामिल होना आवश्यक नहीं है।
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