
नईदुनिया न्यूज, शाजापुर मक्सी। भीषण गर्मी के बीच मक्सी नगर में पेयजल संकट अब विकराल रूप ले चुका है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
सोमवार को जनता का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। कांग्रेस के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नगरवासियों ने नगर परिषद मक्सी का घेराव किया। इस दौरान महिलाएं खाली मटके लेकर पहुंचीं और विरोध स्वरूप मटकियां फोड़कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई।

नगरवासियों का आरोप है कि नगर परिषद की लापरवाही और कुप्रबंधन के चलते लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। एक ओर पानी की भारी किल्लत है, तो दूसरी ओर नगर की खुदी और जर्जर सड़कों ने हालात और बदतर कर दिए हैं। धूल और गड्ढों से भरी सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो गया है।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक कई वार्डों में तीन-तीन दिन तक पानी की सप्लाई नहीं हो रही, जिससे लोग टैंकरों के सहारे जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित लोग नगर परिषद परिसर में घुसने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी बाहर ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।

मक्सी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मेहरबान सिंह पटेल ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां भ्रष्टाचार चरम पर है और आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

आंदोलन में शामिल महिलाओं ने मटकी फोड़ने के साथ ही मौके पर खड़े टैंकर से पानी पीकर अपना विरोध जताया। यह दृश्य नगर में गहराते जल संकट और प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर साफ बयां कर गया।
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जानकारी के अनुसार नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी अवकाश पर थे, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार जितेंद्र चौरसिया को ज्ञापन सौंपा। नायब तहसीलदार ने समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।