
नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के नाम पर शाजापुर के स्टेशनरी व्यापारी से 25 लाख रुपये की वसूली का मामला सामने आया है। व्यापारी के मुताबिक, वसूली की राशि दो बार में एसपी बंगले के बाहर एक पुलिसकर्मी को दी गई है।
मामले की शिकायत के बाद एसडीओपी कीर्ति बघेल ने शनिवार को संबंधित पुलिसकर्मी के बयान दर्ज किए। वहीं एसपी प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मामले की जांच जारी है, इसमें जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
स्टेशनरी व्यापारी मोहम्मद अली ने 29 अक्टूबर को कोतवाली में आवेदन देकर बताया कि उन्होंने एसपी कार्यालय में स्टेशनरी सप्लाई के लिए अप्रैल में टेंडर भरा था, दस्तावेज में गलती के कारण टेंडर नहीं मिला। कुछ दिन बाद अंकित ट्रेडर्स के अंकित नागर द्वारा उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर अली को कोतवाली बुलाया गया। वहां बयान दर्ज होने के बाद अली बाहर निकला तो अंकित ने कहा कि एसपी से उसके अच्छे संबंध हैं और वह मामला खत्म करवा सकता है।
इस दौरान उसने किसी को फोन किया और स्पीकर खोल दिया। सामने वाले ने 25 लाख रुपये मांगे, रकम न देने पर कारोबार बर्बाद करने की धमकी दी। अली के मुताबिक तीन और चार जुलाई को दो बार में 25 लाख रुपये देने के बाद वह चुप रहा, लेकिन गत सप्ताह फिर फोन कर उसे कोतवाली बुलाया गया और अंकित की शिकायत का हवाला देकर लाख रुपये मांगे गए। इस मामले में अंकित का कहना है कि उसने सिर्फ शिकायत की है, रुपये किसने मांगे और किसे दिए गए उसे नहीं मालूम।
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