नईदुनिया प्रतिनिधि, शाजापुर। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में मंगलवार को सभी स्कूलों में बच्चों का तिलक और माला पहनाकर स्वागत किया गया। वहीं जिले के ग्राम जादमी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में स्कूल आए छात्रों को लौटना पड़ा, क्योंकि यहां स्कूल परिवार में नाॅनवेज पक रहा था।
सरपंच का लिया नाम
स्कूल पहुंची महिला टीचर का कहना है कि सरपंच के कहने पर यहां कुछ लोग रुके थे। उनके लिए नाॅनवेज बन रहा था। स्कूल का पहला दिन होने से सुबह आंगनवाड़ी वाले बच्चे आ गए थे।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मंजू शर्मा ने बताया कि वह सुबह 10 बजे स्कूल पहुंची थीं। यहां पर परिसर में खाना बनाया जा रहा था।
पूछने पर पता चला कि यहां नाॅनवेज पक रहा है। हम स्वागत करने वाले थे, लेकिन नाॅनवेज पकने के कारण यहां पर खड़े रहना मुश्किल हो रहा था। इस कारण कुछ देर बाद परिजन अपने बच्चाें के लेकर चले गए।
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घटनाक्रम का ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक शिक्षक नंदराम बैरागी ने बताया कि सरपंच के कहने पर परिवार यहां रुका था। यह शासकीय प्राथमिक स्कूल है। यहीं पर आंगनबाड़ी भी संचालित होती है।
जब बच्चों के घर लौटने के बाद इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी तो वे तत्काल स्कूल पहुंचे। इस पूरे घटनाक्रम का ग्रामीणों वीडियो बना लिया और उसे संबंधित अधिकारी को भेज दिया।
उन्होंने इसका विरोध किया तो फिर नाॅनवेज को वहां से हटाया गया। वहीं, मामले में सरपंच रतनलाल ने बताया कि मैंने रहने के लिए मौखिक परमिशन दी थी। मुझे नहीं पता वहां क्या बनाया जा रहा है।
नॉनवेज पकाने वाले ने कही ये बात
शिक्षकों ने बताया हमारी ओर से किसी को रहने की परमिशन नहीं दी गई थी। जब हमने पूछा तो बताया कि बाटी और सब्जी बन रही है। इस बारे में नाॅनवेज पका रहे पीर खां ने कहा कि हमारे घर का काम चल रहा है, यहां पर जगह खाली थी, इसलिए हम यहां पर साइड में झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। बकरीद थी, इस कारण नाॅनवेज बना रहे थे।
इनका कहना है
शासकीय स्कूल में नाॅनवेज बनाने के मामले में थाने में शिकायत की गई थी, पुलिस ने उक्त आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और कार्यवाही की जा रही है। स्कूल परिसर में बनाया गया अतिक्रमण भी हटाया गया है।
-राजेन्द्र क्षिप्रे, डीपीसी शाजापुर