
नईदुनिया न्यज, श्योपुर। शनिवार की शाम कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर से बुरी खबर आई है, मुरैना जिले के पहाड़गढ़ इलाके के जंगल में किसी हिंसक वन्य जीव के हमले से घायल हुई मादा चीता केजीपी-11 की उपचार के दौरान मौंत हो गई, घायल चीता का पिछले 4 दिनों से कूनो नेशनल पार्क के वन्यजीव सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पीटल में उपचार किया जा रहा था, डॉक्टरों की विशेष निगरानी और देखरेख में इस चीते को रखा गया था।
अब इस चीते की मौत के बाद कूनो में चीतों की संख्या घटकर 49 रह गई है, जिनमें 32 भारत के कूनो नेशनल पार्क की धरती पर जन्में चीता शामिल हैं, 19 चीता अभी भी खुले जंगल में रह रहे हैं। भारत में कुल चीतों की संख्या 52 है। 3 गांधी सागर अभ्यारण्य में रह रहे हैं।
यहां बता दें कि, नर चीता धावक और मादा चीता गामिनी की 27 महीने की मादा चीता केजीपी -11 पिछले 1 जून को वन विभाग की चीता ट्रेकिंग टीम को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ इलाके के जंगल में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी, जिसे ट्रैंकुलाइज करके कूनो नेशनल पार्क के पालपुर स्थित वन्यजीव अस्पताल लाया गया था।
उपचार के दौरान शरीर के अंदर के हिस्से में ब्लीडिंग होने की जानकारी डॉक्टरों को लगी थी, उसके बाद विशेष देखरेख में उपचार किया गया लेकिन, डॉक्टर हर बार की तरह इस बार भी चीता की जान नहीं बचा सके। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने प्रेसनोट जारी करके चीते की मौंत की दुखद जानकारी दी है।