कूनो में चीता शावक शिकार मामले में रेंजर और डिप्टी रेंजर सहित 10 वनकर्मी सस्पेंड
शुक्रवार देर रात इनके खिलाफ पीओआर (प्रीमिलरी आफेंस रिपोर्ट) दर्ज की गई है।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 01:35:55 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 01:41:29 PM (IST)
HighLights
- 25 संदिग्ध हिरासत में, दो भरमार बंदूकें जब्त
- लापरवाही पर सीसीएफ ने की बड़ी कार्रवाई
- केंद्रीय वन मंत्री ने ली घटना की जानकारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता निर्वा के 19 माह के शावक के शिकार के मामले में पुलिस व वन विभाग की टीमें आसपास के गांवों में संदिग्धों की धरपकड़ कर रही हैं। श्योपुर जिले के मढा और नितनमास गांवों से 25 संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इनके पास से दो भरमार बंदूकें (बंदूक की नली के आगे के हिस्से से बारूद लोड किया जाता है) जब्त की गई हैं, जिनका प्रयोग शिकार करने में होता है। वहीं, डिप्टी रेंजर सहित मुरैना जिले के 10 वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है। देर रात इनके खिलाफ पीओआर (प्रीमिलरी आफेंस रिपोर्ट) दर्ज की गई है।
मढा गांव की कुछ महिलाएं मुरैना जिले के पहाड़गढ़ थाने पहुंचीं
शुक्रवार को मढा गांव की कुछ महिलाएं मुरैना जिले के पहाड़गढ़ थाने पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम उनके घरों में घुसी और मारपीट कर पुरुष सदस्यों को अपने साथ ले गई। उनके स्वजन को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी भी नहीं दी जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद संदिग्धों को पकड़ने की कार्रवाई चर्चा में आ गई है। जांच से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि कुछ अहम सुराग मिले हैं। दो-तीन दिनों के अंदर कामयाबी मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय वन मंत्री ने ली अधिकारियों से जानकारी
वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, चीते के शिकार मामले में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय सीधे जानकारी ले रहा है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने वीडियो काल के माध्यम से ग्वालियर-चंबल के वन और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई और चीतों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली है।
14 किमी दूर मिलीं चीते के खून की बूंदें
शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) उत्तम कुमार शर्मा ने भी टीम के साथ नितनमास गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने उस क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां चीते को गोली मारे जाने की घटना सामने आई थी। निरीक्षण के बाद सीसीएफ ने मुरैना जिले के 10 वनकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
इनमें रेंजर आकाश तोमर, डिप्टी रेंजर कीर्ति शांडिल्य और नाकेदार दिनेश शर्मा भी शामिल हैं। कार्रवाई का कारण यह बताया गया है कि जहां घायल चीता मिला, उससे 14-15 किलोमीटर दूर काला खेत के जंगल में चीते की खून की बूंदे जमीन पर मिली हैं। घायल चीता कई किलोमीटर क्षेत्र में घूमा, लेकिन संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों-कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी।