
श्योपुर। मौसमी बीमारियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। कराहल ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में दो मासूम बच्चों ने दम तोड़ दिया है। दोनों मौतें गुरुवार की दोपहर बाद होना बताया गया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इन मौतों की जानकारी दूसरे दिन तक नहीं लगी है।
ब्लॉक मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर टिकटौली गांव में रहने वाले हरीराम आदिवासी की पांच साल की बेटी रसनी तीन दिन से बुखार से पीड़ित थी। परिजनों ने रसनी का इलाज गांव में ही आने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर से कराया। उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार की शाम रसनी ने दम तोड़ दिया। बुखार से दूसरी मौत श्योपुर के पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान के गांव रीछी में हुई है। यहां लाला (05) पुत्र सुमेर आदिवासी की भी निवासी रीची लंबे समय से बुखार से पीड़ित था। गांव में पीड़ित को इलाज नहीं मिल रहा था। इलाज के अभाव में बालक की हालत अधिक खराब हो गई तो गुरुवार की दोपहर परिजन इलाज कराने के लिए सेसईपुरा ले गए, जहां इलाज के दौरान एक झोलाछाप डॉक्टर की दुकान पर ही बालक की मौत हो गई।