कूनो में मादा चीता 'आशा' के 8 माह के शावक की मौत: सर्चिंग के दौरान जंगल में मिला शव, मौत का कारण अस्पष्ट
आशा वहीं चीता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोजेक्ट की शुरुआत में 17 सिंतबर 2022 को पहली बार कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में छोड़ा था। आशा ची...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 08:17:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 09:19:42 PM (IST)
HighLights
- निगरानी के दौरान मिला मृत शावक
- मौत की वजह अभी अस्पष्ट
- देश में चीतों की संख्या अब 59
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक दुखद सूचना सामने आई है। नामीबिया से लाई गई चीता आशा के पांच शावकों में से आठ माह के शावक की सोमवार को मौत हो गई। आशा वहीं चीता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोजेक्ट की शुरुआत में 17 सिंतबर 2022 को पहली बार कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में छोड़ा था। आशा चीता यहां दो बार प्रसव कर शावकों को जन्म दे चुकी है।
निगरानी के दौरान आशा के साथ केवल 4 शावक ही दिखे
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह निगरानी के दौरान आशा के साथ केवल चार शावक ही देखे गए। एक शावक के लापता होने पर वनकर्मियों ने जंगल में सघन सर्च अभियान चलाया, जिसमें शावक मृत अवस्था में मिला। मृत्यु के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। कूनो प्रबंधन के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।
आशा चीता एक जनवरी 2024 को पहली बार बनी थी मां
- आशा चीता ने पहली बार एक जनवरी 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था, जो वयस्क हो चुके हैं।
- दूसरी बार सात फरवरी 2026 को पांच शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से एक की सोमवार को मौत हुई है।
- कूनो नेशनल पार्क में अब शावकों सहित 53 चीते शेष रह गए हैं, जिनमें 40 चीते भारत में ही जन्मे हैं।
- इनमें से 15 चीते वर्तमान में खुले जंगल में विचरण कर रहे हैं।
- गांधी सागर अभयारण्य में चार और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों को मिलाकर देश में चीतों की कुल संख्या अब 59 है।