कूनो में गूंजी 5 नए मेहमानों की किलकारी: चीता KGP-21 बनी मां, भारत में शुरू हुई बोत्सवाना वंश की नई पीढ़ी
इन पांच नए मेहमानों के साथ देश में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई है, जिसमें 41 चीते भारतीय धरती पर ही जन्मे हैं।
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 05:31:20 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 05:31:51 PM (IST)
मादा चीता केजेपी-21 द्वारा कूनों में जन्में गए पांच नन्हें शावक।HighLights
- भारत में दूसरी पीढ़ी के चीतों का आगाज
- बोत्सवाना वंश की नई शुरुआत से मजबूत होगा जीन पूल
- नौरादेही बनेगा मध्य प्रदेश में चीतों का नया ठिकाना
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। प्रोजेक्ट चीता के इतिहास में सोमवार को एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। कूनो नेशनल पार्क में भारतीय मूल की मादा चीता केजीपी 21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने एक्स पर इस जानकारी को देते हुए इसे ऐतिहासिक और आनंददायक उपलब्धि बताया है।
केजेपी 21 मादा चीता गामिनी की है शावक
यहां बता दें कि, केजेपी 21 मादा चीता गामिनी की शावक है। मुखी और केजीपी 12 के बाद केजेपी 21 भारत में जन्मी तीसरी मादा है, जिसने सफलतापूर्वक शावकों को जन्म दिया है। यह भारत में चीता आबादी की दूसरी पीढ़ी के उभरने का महत्वपूर्ण प्रमाण है। नईदुनिया ने दो दिन पहले ही खबर प्रकाशित करके इस खुशखबरी को सबसे पहले अवगत कराया था।
अब भारत में 60 चीते, इनमे 41 भारत में जन्में
इन पांच नए मेहमानों के साथ देश में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई है, जिसमें 41 चीते भारतीय धरती पर ही जन्मे हैं। यह बेहद खुशी की बात है क्योंकि, 2022 में नामीबिया से लाए गए 8 चीतों से शुरू हुआ सफर आज 60 तक पहुंच गया है।
बोत्सवाना वंश की शुरुआत
- इस बार की सबसे बड़ी खासियत इन शावकों के पिता बोत्सवाना के नर चीता हैं। इस साल 28 फरवरी को बोत्सवाना से 9 चीते (6 मादा, 3 नर) लाए गए थे। इन शावकों के साथ भारत में बोत्सवाना लिनिएज की शुरुआत हो गई है, जिससे जीन पूल और मजबूत होगा।
मंत्री यादव ने फील्ड स्टाफ, पशु चिकित्सकों और मैनेजरों की अथक मेहनत को सलाम करते हुए लिखा -वेलकम टू द वर्ल्ड, लिटिल वंस।
कूनो में लगातार हो रही ब्रीडिंग से मध्य प्रदेश एक बार फिर वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन का ग्लोबल मॉडल बन रहा है। कल सुबह 7 बजे नौरादेही के लिए रवाना होंगे दो चीता
कूनो नेशनल पार्क से कल सुबह 7 बजे एक नर और एक मादा सहित दो चीते नौरादेही के लिए रवाना किए जाएंगे, सीसीएफ उत्तम शर्मा की निगरानी और देखरेख में इन चीतों को कूनो के टिकटोली गेट के रास्ते बाहर निकल जाएगा और तय किए गए रूट से होते हुए वन विभाग की टीमे नौरादेही पहुंचेंगी, जहां सीएम डॉक्टर मोहन यादव इन्हे जंगल में रिलीज करेंगे। इसके बाद मध्य प्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही भी चीतों का ठिकाना बन जाएगा।