
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से जुड़े वन क्षेत्र में चीता शावक के शिकार के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। दो आरोपितों को गिरफ्तार कर शिकार में इस्तेमाल लाइसेंसी भरमार बंदूक बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह की भूमिका नहीं मिली है। यह स्थानीय स्तर पर शिकार की घटना है।
वन विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर को वनमंडल श्योपुर के कक्ष क्रमांक 748 में नर चीता घायल अवस्था में मिला था। उपचार के दौरान उसके शरीर से बंदूक के छर्रे यानी पेलेट्स मिले, जिसके बाद शासन ने वन और पुलिस अधिकारियों की चार सदस्यीय एसटीएफ गठित की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
मुखबिर तंत्र, डॉग स्क्वॉड और मुरैना पुलिस की मदद से जांच में ग्राम नवलपुरा-बेहरारा, पहाड़गढ़ (मुरैना) निवासी भगवान सिंह को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि 24 अक्टूबर को वह अपने भाई प्रीतम सिंह के साथ ग्राम नितनवास, विजयपुर के जंगल में शिकार के इरादे से गया था, तभी चीते की हलचल दिखने पर अपनी लाइसेंसी दो नाली टोपीदार बंदूक से गोली चला दी। दूसरे आरोपी प्रीतम सिंह को भी हिरासत में लेकर दोनों की निशानदेही पर मुरैना के जंगल से हथियार जब्त किया गया है।
दोनों आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9 और 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक विवेचना में संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह की भूमिका नहीं मिली है, यह स्थानीय स्तर पर शिकार की घटना है। एसटीएफ आगे की जांच कर रही है।