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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kuno Cheetah Safari: श्योपुर कूनो पार्क में 26 फरवरी से शुरू होगी चीता सफारी

Kuno national Park कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पार्क से लगे कूनो नदी क्षेत्र को भी शामिल किया जा रहा है।

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Fri, 23 Feb 2024 11:30:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 23 Feb 2024 11:35:06 PM (IST)
Kuno Cheetah Safari: श्योपुर कूनो पार्क में  26 फरवरी से शुरू होगी चीता सफारी
कूनो पार्क में 26 फरवरी से शुरू होगी चीता सफारी

HighLights

  1. कूनो पार्क में 26 फरवरी से शुरू होगी चीता सफारी
  2. मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव इसका करेंगे शुभारंभ
  3. सहरिया जनजाति की संस्कृति को भी मिलेगी पहचान

सुरेश वैष्णव, श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी का शुभारंभ 26 फरवरी को होगा। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव इसका शुभारंभ करेंगे। चीता सफारी से सहरिया जनजाति की संस्कृति को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजना है। सहरिया जनजाति के युवकों को सफारी के लिए गाइड का प्रशिक्षण दिया गया है। पर्यटकों के लिए विकसित किए जा रहे चीता सफारी के प्रोजेक्ट पर 50 करोड़ रुपये का खर्च किया जा रहा है। कूनो नदी का क्षेत्र भी सफारी के दायरे में लाया जाएगा।

कूनो चीता प्रोजेक्ट है विशेष

बता दें कि 17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्म दिन पर नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को मप्र के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा था। इसके बाद दूसरे चरण में भी 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से लाए गए थे। प्रधानमंत्री मोदी जब यहां चीता प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने पहुंचे थे तब उनका स्वागत सहरिया जनजाति के नृत्य संगीत से किया गया था।


पीएम ने तब अधिकारियों को संकेत दिया था कि इस जनजाति को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाए ताकि उन्हें आर्थिक लाभ भी हो सके। यह भी बता दें कि विशेष पिछड़ी जनजातियों में शामिल सहरिया जनजाति की कुल आबादी का 84 प्रतिशत हिस्सा ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में निवास करता है। जिसमें से एक बड़ी आबादी श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखंड कराहल के क्षेत्र में है।

बढ़ेगा सफारी का दायरा

कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पार्क से लगे कूनो नदी क्षेत्र को भी शामिल किया जा रहा है। इसमें 124.94 हेक्टेयर वन भूमि और 56.23 हेक्टेयर राजस्व भूमि शामिल की जा रही है। डीएफओ, कूनो थिरूकुराल आर ने कहा कि पर्यटकों को आदिवासी संस्कृति से रूबरू कराने के प्रयास ‍किए जाएंगे। सहरिया युवाओं के रोजगार के लिए उन्हें गाइड का प्रशिक्षण पहले ही दे दिया गया है।