
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। मानसून के तीन महीनों के लिए कूनो नेशनल पार्क के गेट बंद कर दिए गए हैं लेकिन स्थानीय लोगों को चीतों का दीदार करने में कोई कठिनाई नहीं हो रही। क्योकि चीते अब कूनो के जंगल से निकलकर रहवासी इलाकों, खेतों और सड़कों पर घूमते हुए देखे जा रहे हैं।
बता दें कि कूनो नेशनल पार्क में इस समय कुल 49 चीते हैं, इनमें से 19 चीते तो खुले जंगल में घूम रहे हैं। जबकि नौ चीते गांवों के आसपास शिकार करते अथवा दौड़ते भागते दिख जाते हैं।
हाल ही में दो चीतों को वीरपुर तहसील के कूनो सायफन पुल के पास देखा गया था। श्योपुर और बड़ौदा क्षेत्र में भी चीतों की मौजूदगी की सूचना मिली है। विजयपुर, अगरा, शिवपुरी, ग्वालियर और राजस्थान के भीलवाड़ा से लेकर सवाईमाधौपुर तक चीतों के देखे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं।
कराहल क्षेत्र में भी चीतों ने बछड़ों का शिकार किया था। अच्छी बात यह है कि पिछले तीन वर्षों में चीतों द्वारा इंसानों पर हमले की कोई घटना नहीं हुई। हालांकि पालतू जानवरों के शिकार से पशुपालकों में नाराजगी है। ऐसी स्थिति में पशुपालकों को मुआवजा देने का प्रविधान भी है।
खुले जंगल में 19 चीते हैं, बाकी बाड़े में हैं। कूनो से बाहर कितने चीते हैं यह तो नहीं बता सकता लेकिन वह जहां भी हैं सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन पर हमारी ट्रेकिंग टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं। - आर. थिरुकुराल, डीएफओ, कूनो नेशनल पार्क