
Navratri 2024: श्योपुर.नईदुनिया प्रतिनिधि। चैत्र मास की नवरात्र का उत्सव 9 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है, यह उत्सव 17 अप्रैल तक मनाया जाएगा। चैत्र नवरात्र पर शहर के मंदिरों में जबरदस्त धूम दिखाई देती है। इस अवसर पर शहर सिहत क्षेत्र के देवी मंदिरों में लगातार नौ दिनों तक अनुष्ठान आदि किए जाते हैं।
ज्योतिष आचार्य चंद्रप्रकाश शर्मा का कहना है कि हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। ये पर्व जिले भर में बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। इन नौ दिनों में माता के भक्त उपवास रखते हैं और उनके अलग-अलग स्वरूपों की उपासना करते हैं। इसके अलावा नवरात्रि में कई शुभ कार्य किए जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि की नौ तिथियां ऐसी होती हैं, जिसमें बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी होती है, क्योंकि इस दौरान सार्वजनिक रूप से माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इन मंदिरों और चौराहों पर रहेगी धूम चैत्र नवरात्र को लेकर शहर के कई मंदिरों में धूम रहने वाली है। इसमें खुलखुली माता मंदिर और कंकाली माता मंदिर, आनंदी माता मंदिर के अलावा, कराहल पनवाड़ा माता मंदिर, दुर्गापुरी माता मंदिर पर नौ दिनों तक रोज हवन अनुष्ठान के कार्यक्रम होंगे। चैत्र नवरात्र, रामनवमी, हिन्दू नववर्ष, हनुमान प्रकटोत्सव व अन्य महत्वपूर्ण तीज और त्यौहार मनाए जाते हैं।
रामनवमी भगवान श्रीराम के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है। इस दिन नवरात्र का भी नौवां दिन होता है। भगवान श्रीराम का प्रकटोत्सव 17 अप्रेल को मनाया जाएगा।
आठों सिद्धियों और नौ निधियों के दाता भगवान हनुमान का जन्म चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हुआ था। इसी उपलक्ष्य में हर साल चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि को हनुमान प्रकटोत्सव मनाया जाता है। हनुमान प्रकटोत्सव 23 अप्रेल को मनाया जाएगा।
इस वर्ष का पहला सूर्यग्रहण भी अप्रेल में पड़ेगा, यह आठ अप्रेल को लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।