नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। चीता के शिकार और जंगल से अनगिनत पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में गुरुवार को चीता संघर्ष समिति ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लिए चीता संघर्ष समिति के सदस्य और कांग्रेसियों ने पहले विरोध रैली निकाली, फिर कलेक्ट्रेट के मेन गेट पर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कूनो के अधिकारियों पर घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते हुए कूनो संघर्ष समिति और कांग्रेसी। नईदुनिया मामले की जांच करें सीबीआई
कूनो संघर्ष समिति के जिला संयोजक अतुल चौहान ने कहा कि बीते दिनों चीता की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले चीता प्रोजेक्ट में इस तरह की वारदात को कूनो संघर्ष समिति ने घोर लापरवाही बताते हुए पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। अतुल चौहान ने कहा कि चीते की हत्या जैसी गंभीर घटना प्रदेश की वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास वन विभाग की जिम्मेदारी भी है।
बेहद चिंताजनक है घटना
ऐसे में कूनो जैसे संवेदनशील और अंतरराष्ट्रीय महत्व के क्षेत्र में इस तरह की घटना होना चिंताजनक है। चौहान ने आरोप लगाया कि इससे पहले कूनो और श्योपुर सामान्य वन मंडल क्षेत्र में शिकार किए गए 10 से अधिक तेंदुओं की खालें उत्तर प्रदेश के आगरा में बरामद हो चुकी हैं। उनके अनुसार, यह घटनाक्रम वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जांच एसटीएफ के बजाय करें सीबीआई
उन्होंने हाल के महीनों में जिले के जंगलों में हजारों बीघा क्षेत्र में अवैध कटाई की खबरों का हवाला देते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। समिति की मांग है कि चीते की हत्या और वन्यजीवों के शिकार से जुड़े मामलों की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के बजाय सीबीआई से कराई जाए, ताकि घटना के पीछे शामिल लोगों और शिकारियों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। समिति का कहना है कि निष्पक्ष जांच से जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता योगेश जाट अय्यूब कुरैशी,रमेश गोयल, अशोक गोयल, डॉ कमल शर्मा,अनवर बालापुरी, कैलाश गर्ग,बाबूलाल मीणा,राम सिंह मीणा,मांगीलाल सुमन, रज्जाक अहमद,पीयूष शिवहरे, राजू वैष्णव, शखावत खान,बृजेश योगी,इन्दर चौहान, नासिर खान, मलखान बैरवा,वाहिद खान,इमरान खान,मुरारीलाल प्रजापति, गज्जू सुमन,प्रकाश आदिवासी,महावीर सुमन,रज्जाक खान,हनीफ खान,रामलाल रजक सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।