
श्योपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शिक्षा व्यवस्थापन और विभागीय रूप से मिले लक्ष्यों को पूरा करने में श्योपुर के सभी हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल फेल साबित हुए हैं। ये वही स्कूल हैं जिनको स्व मूल्यांकन में शिक्षकों ने बेस्ट बताया था और ए ग्रेड तक दे दी थी लेकिन इस स्व मूल्यांकन की हकीकत जानने के लिए विभाग ने 72 स्कूलों का चयन कर सर्वे कराया तो उनमें एक भी स्कूल ए, बी या सी ग्रेड में नहीं आ पाया। यह हम नहीं कह रहे बल्कि शिक्षा विभाग द्वारा 3 नवंबर को जारी की गई डिस्ट्रिक ग्रेडिंग सर्वे रिपोर्ट कह रही है।
रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति सिर्फ श्योपुर जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेशभर के स्कूलों में भी खराब है। क्योंकि प्रदेश में एक भी जिले के स्कूल को ए या बी ग्रेड में भी जगह तक नहीं मिल पाई है। सिर्फ उज्जैन जिले को सी ग्रेड दिया गया है।
इधर रिपोर्ट में कहा गया है कि कई जिलों के स्कूलों ने तो ग्रेडिंग से जुड़ी सही जानकारी तक नहीं दी है उनके द्वारा खानापूर्ति की गई है जो गंभीर विषय है। स्कूलों की ग्रेडिंग तय करने के लिए प्रदेश के 51 जिलों के 8 हजार 580 स्कूलों में सर्वे कराया गया था। जिसमें प्रदेश का एक भी जिला विभागीय उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।
9 फीसदी हो पाया समग्र का लक्ष्य, अन्य कार्य भी लटके
रिपोर्ट के अनुसार श्योपुर जिले के स्कूलों के 1 लाख 23 हजार 380 छात्रों को समग्र से जोड़े जाने का लक्ष्य विभागीय रूप से दिया गया था। लेकिन यह लक्ष्य सिर्फ 12 हजार 259 छात्रों तक ही सिमटकर रह गया। यानी लगभग 9 फीसदी ही लक्ष्य हासिल हो पाया। इसी तरह सीएम हेल्पलाइन में 96 केसों का लक्ष्य था, लेकिन 87 ही निपट पाए। नामांकन के लक्ष्य में भी यह स्कूल खरे नहीं उतर पाए। इधर जब शिक्षा विभाग ने स्व मूल्यांकन कराया था तब प्रदेश के 44 स्कूलों को ए ग्रेड में बताया गया। 1 हजार 611 को बी ग्रेड में रखा गया, सी ग्रेड में 4 हजार 620 स्कूल बताए गए और 1 हजार 697 स्कूलों को डी ग्रेड में रखा गया था।
डिस्ट्रक्ट ग्रेडिंग सर्वे का सच
- प्रदेश का एक भी जिला ए ग्रेड या बी ग्रेड में भी नहीं
- सी ग्रेड में सिर्फ उज्जैन आया है जिसे 100 में से 51.35 अंक मिले
- श्योपुर इस रैंक में 27.98 अंकों के साथ 38वें स्थान पर है
- इंदौर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है जिसे 17.31 अंक मिले हैं।
- लक्ष्य पूरा करने में प्रदेश के 50 जिलों के स्कूल फिसड्डी रहे हैं
इनका कहना है
इस बार कई काम नए थे इसलिए उनको जानने समझने में समय लग गया। फिर भी हमारे जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा रिजल्ट है फिर भी नंबर कट गए हैं। हम अपनी स्थिति को सुधारने के लिए पूरा प्रयास करेंगे। - अजय कटियार जिला शिक्षाधिकारी, श्योपुर