
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रो में बोरवेल खुले छोड ने पर अब संबंधित व्यक्ति अथवा एजेंसी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड किया जाएगा। इसके बाद भी यदि बोरवेल खुला छोडने की पुर्नरावृत्ति की गई तो 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।
नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों को खुला तथा असुरक्षित छोडे जाने पर संबंधित व्यक्तियों अथवा एजेंसियो पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अथवा एजेंसी नलकूप को खुला और असुरक्षित छोडती है तो प्रथम उल्लंघन पर 10 हजार रुपये तथा पुर्नरावृत्ति किए जाने पर 25 हजार रुपये मय समस्त व्यय राशि अर्थदण्ड लगाया जाएगा। इसके लिए इइ पीएचई को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के खुले बोरवेल, कुए एवं बावडी जो कि जन हानि का कारण बन सकती है, उनका सर्वे करने के उपरांत एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में ऐसे सूचीबद्ध खतरनाक संरचनाओ को विधिवत हटाकर अथवा पाटने की कार्रवाई पूर्ण करेंगे, यह कार्य ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकायो द्वारा किया जाएगा। इस पर होने वाले व्यय की वसूली संबंधित भूमि स्वामी से होगी अन्यथा की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। नलकूल खनन करने वाले शासकीय तथा निजी मशीनो का पंजीयन मप्र राज्य इलेक्ट्रोनिक विकास निगम के पोर्टल पर कराया जाना है। नलकूप खनन एजेंसी बिना केसिंग वाले कूप को मिट्टी, रेत या मुरम से भरने के लिए उत्तरदायी होगे। खनन पूर्व एजेंसी को पोर्टल पर जानकारी भरना होगी। इन कार्यो के लिए कार्यपालन यंत्री पीएचइ को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे तथा कोई भी समस्या उत्पन्न होने पर अपर जिला मजिस्ट्रेट श्योपुर से समन्वय कर निराकरण कराएंगे। इस संबंध में परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण, पीएचई ईई, ईई जल संसाधन, उप संचालक कृषि तथा जनपद पंचायत सीइओ अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।