
सोंईकलां। समाज सुधार की मुहिम में आदिवासियों के बाद अब बंजारा समाज ने भी शराब पीने व बेचने पर प्रतिबंध लगाया है। 5 गांवों की सामूहिक महापंचायत में लिए गए निर्णय से समाज के लोगों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन को भी अवगत करा दिया है। अब समाज को कोई भी व्यक्ति शराब बनाते, पीते या बेचने पाया गया तो पहले उस पर जुर्माना करेंगे फिर भी नहीं सुधरा तो समाज से बाहर कर दिया जाएगा।
ग्राम रामबाड़ी, मल्हौत्रा, भीकापुर, हनुमानखेड़ी, सौभागपुरा के बंजारा समाज की महापंचायत में समाज सुधार के लिए कई निर्णय लिए गए। इसमें शिक्षा को बढ़ावा देने, बेटियों को स्कूल भेजने के साथ शराबबंदी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना मुख्यरुप से शामिल हैं। महापंचायत में इस बात पर नाराजगी जताई गई कि बंजारा समाज को कच्ची शराब बनाने और उसका व्यवसाय करने के लिए जाना जाता है।
इस बदनामी के कलंक को दूर करने के लिए महापंचायत ने किसी भी गांव में शराब बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया हैं। अब समाज का कोई भी व्यक्ति कच्ची शराब बनाता या बेचता पकड़ा जाता है तो ऊपर 11 हजार स्र्पए का जुर्माना किया जाएगा। दोबारा पकड़े जाने पर जुर्माना दोगुना और तीसरी बार पकड़े जाने पर सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। यह निर्णय शराब पीने वालों पर भी लागू होगा।
यह ही नहीं शराब के अलावा अन्य किसी तरह का नशा गांजा, भांग इत्यादि पर भी इसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बंजारा समाज के पटेल व प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। महापंचायत में लिए गए निर्णय से अवगत कराने के लिए समाज के पटेल पृथ्वी बंजारा, शंकर बंजारा, सुग्रीव बंजारा आदि ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर-एसपी को ठहराव की प्रति ज्ञापन के साथ उपलब्ध कराई है।