श्योपुर के जंगलों में हथियारबंद बदमाशों का आतंक: चंबल में डकैती खत्म फिर भी दहशत, 8 थानों की पुलिस रात-दिन कर रही सर्चिंग
एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन, उसके 3 साथी अभी भी फरार हैं। इसके अलावा जंगल में 8-10 और बदमाश अलग-अलग गेंग बनाकर घूम रहे हैं।
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 04:58:11 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 04:58:53 PM (IST)
जंगल में बदमाशों की तलाश करती हुई पुलिस। सौ. पुलिस विभागHighLights
- पशुपालकों से मारपीट, लूट और बंधक बनाने की घटनाएं
- घने जंगलों का फायदा उठाकर चकमा दे रहे बदमाश
- 8 से 10 बदमाशों की तलाश में 50 से अधिक जवान तैनात
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। चंबल से डकैतों के एनकाउंटर और आत्म समर्पण के बाद डकैती समस्या भले ही खत्म हो गई, लेकिन जिले के जंगल में हथियार धारी बदमाशों का आतंक अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में पिछले दिनों कराहल इलाके में आदिवासियों को बंधक बनाकर लूटने की घटना के बाद विजयपुर इलाके के गसवानी थाना क्षेत्र के जंगल में पशु चरवाहे से बंदूक, मोबाइल आदि लूटने की बारदात को अंजाम दिया गया था।
एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन, उसके 3 साथी अभी भी फरार हैं। इसके अलावा जंगल में 8-10 और बदमाश अलग-अलग गेंग बनाकर घूम रहे हैं। इसे लेकर एसपी मोती उर रहमान ने थाना प्रभारियों को बदमाशों की धरपकड़ करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए हैं।
24 घंटे पुलिस की जंगल में सर्चिंग जारी
जंगल में घूम रहे बदमाशों की तलाश में जिले भर के करीब 8 थानों के 50 से ज्यादा पुलिस कर्मी दिन-रात जंगल सर्चिंग करने और बदमाशों के मूवमेंट का पता लगाने में जुटे हुए हैं। लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस श्योपुर जिले से लगे राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से लेकर मुरैना-भिंड़ और धौलपुर तक के रजिस्टर्ड बदमाशों के वारे में भी पता लगा रही है, ताकि, उनकी हिस्ट्री और उनके कनेक्शन का पता लगाया जा सके।
बदमाशों की गिरफ्तारी बनी हुई है पुलिस के लिए चुनौती
जंगल में बदमाशों का मूवमेंट और पिछले दिनों हुई लूटपाट, मारपीट जैसी घटनाओं के बाद बदमाशों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जंगल बहुत बड़ा और घना है और बदमाशों ने जंगल के सारे रास्ते देख रखे हैं, इस वजह से जब भी पुलिस जंगल में दबिश देती है, तब हर वार वह इधर से उधर हो जाते हैं। इससे वह पुलिस के हाथ नहीं लग पाते।
पशु चरवाहे करें मदद तो पकड़े जाएं बदमाश
जंगल में खिरकाई लगाकर रह रहे पशु चरवाहे अगर बदमाशों की आवाजाही की जानकारी फोन या दूसरे माध्यमों से पुलिस को दे दें, तो बदमाशों को गिरफ्तार करने में पुलिस को ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। बदमाश पशु पालकों को ही परेशान करते हैं, उनसे रसद वसूली करते हैं। इसके बाद भी वह डर के मारे पुलिस को कुछ नहीं बताते, इससे पुलिस को बदमाशों तक पहुंचने में वक्त लग रहा है।
जंगल में हमारी टीमें लगातार सर्चिंग कर रही हैं, हमारी टीमें हर पहलु को ध्यान में रखकर बदमाशों को तलाश कर रही हैं। - मोती उर रहमान, एसपी, श्योपुर