
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कराहल घाटी में शिक्षक रमाकांत पाठक की मौत कोई सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि दिमाग से रची गई खौफनाक हत्या थी। इस हत्या की साजिश मृतक की पत्नी साधना ने अपने प्रेमी मनीष जाटव के साथ मिलकर रची। वारदात को अंजाम देने के लिए मनीष ने अपने दोस्त सतनाम सिंह को भी शामिल किया। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार समेत अहम सबूत जब्त कर लिए हैं।
27 दिसंबर 2025 को कराहल घाटी के मोड़ पर ढलान में एक व्यक्ति की लाश पड़ी होने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि शव सड़क से नीचे खाई में पड़ा था। शुरुआती तौर पर मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा था। मृतक की पहचान 51 वर्षीय शिक्षक रमाकांत पाठक निवासी कराहल के रूप में हुई।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे पुलिस को कई सवाल परेशान करने लगे। शव पर मौजूद चोटें, कपड़ों की हालत और घटनास्थल की स्थिति किसी सामान्य एक्सीडेंट से मेल नहीं खा रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके के भौतिक साक्ष्यों ने साफ कर दिया कि मौत हादसे से नहीं, बल्कि हिंसा से हुई है। यहीं से पुलिस ने पूरे मामले को हत्या के एंगल से जांचना शुरू किया।
टीआई यासमीन खान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। इसी दौरान कुछ संदिग्ध इनपुट सामने आए। मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस का शक मृतक की पत्नी और उसके करीबी युवक मनीष पर मजबूत कर दिया।
पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की, तो कहानी परत-दर-परत खुलती चली गई। कड़ी पूछताछ में आरोपित टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद मर्ग जांच को अपराध में बदलते हुए थाना कराहल में अपराध क्रमांक 217/25 धारा 103(1), 238, 61(2)(a), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी साधना का मनीष जाटव के साथ प्रेम संबंध था। पति रमाकांत उनके रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट था। इसी वजह से साधना ने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत मनीष जाटव ने अपने दोस्त सतनाम सिंह को साथ लिया। तीनों ने मिलकर रमाकांत को कराहल घाटी की ओर ले जाने का प्लान बनाया।
27 दिसंबर को रमाकांत को स्विफ्ट डिजायर कार में बैठाकर कराहल घाटी से पहले जंगल के सुनसान इलाके में ले जाया गया। वहां मौका देखकर मनीष और सतनाम ने मिलकर रमाकांत की हत्या कर दी। हत्या के बाद सबसे बड़ी चुनौती थी इस वारदात को हादसे का रूप देना। हत्या के बाद शव को कार में डालकर आरोपितों ने ठाकुर बाबा मंदिर के पास कराहल घाटी के मोड़ पर ले जाकर खाई में ढलान की तरफ फेंक दिया। मकसद साफ था पुलिस और लोगों को यह लगे कि रमाकांत की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। लेकिन आरोपितों की यह चाल ज्यादा दिन नहीं चल सकी।
भौतिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार और अन्य अहम सबूत जब्त कर लिए। मनीष साकेत (24), निवासी शंकरपुर, कराहल, सतनाम सिंह सरदार (37) निवासी जानपुरा हाल ब्लॉक कॉलोनी श्योपुर, साधना शर्मा (37) पत्नी स्व. रमाकांत पाठक, निवासी शिव बिहार कॉलोनी कराहल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
कराहल घाटी में मिली लाश को शुरुआत में दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस ने हर एंगल से जांच की। डिजिटल साक्ष्य, भौतिक प्रमाण और लगातार पूछताछ के जरिए यह साफ हो गया कि यह सुनियोजित हत्या है। टीआई यासमीन खान और उनकी टीम ने बेहद मेहनत और सूझबूझ से इस अंधे हत्याकांड का राजफाश किया। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सुधीर कुमार अग्रवाल, एसपी, श्योपुर