शिवपुरी ने रचा इतिहास: एक साथ 170 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 'शिवपुरी मॉडल' की तारीफ की
शिवपुरी समाचार: जनपद पंचायत सभागार में हुए लाइव प्रसारण कार्यक्रम में जब इस बात का ऐलान हुआ तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कुल मिलाकर शिवपुरी अब ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 05:25:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 05:25:38 PM (IST)
सम्मानित किए गए सरपंच-सचिव व विभागीय अधिकारी कर्मचारी सहित जिपं अध्यक्ष। नईदुनियाHighLights
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ऑनलाइन कार्यक्रम में की सराहना
- गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज सर्टिफिकेट से सम्मानित हुईं पंचायतें
- निक्षय मित्रों और मुफ्त पोषण किट से मिली सफलता
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। अब तक आपने गांवों को किसी योजना में अव्वल आते देखा होगा, लेकिन शिवपुरी ने जो किया है वो सीधे राष्ट्रीय रिकार्ड बन गया है। एक साथ 170 ग्राम पंचायतों का टीबी मुक्त घोषित होना, ये सिर्फ आंकड़ा नहीं है, ये शिवपुरी के जन-आंदोलन की जीत है।
शुभारंभ कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा हुई शिवपुरी की
इसी उपलब्धि के चलते जब केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ऑनलाइन ‘टीबी मुक्त भारत टीम' का राष्ट्रीय शुभारंभ किया, तो सबसे ज्यादा चर्चा शिवपुरी की ही हुई। केन्द्र अब जिला नहीं, सीधे ब्लाक स्तर पर टीम बनाकर घर-घर पहुंचेगा और शिवपुरी इसका मॉडल बना है। जनपद पंचायत सभागार में हुए लाइव प्रसारण कार्यक्रम में जब इस बात का ऐलान हुआ तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कुल मिलाकर शिवपुरी अब सिर्फ जिला नहीं, बल्कि ‘टीबी मुक्त भारत' का लाइव डेमो बन गया है।
सबसे बड़ा रिकार्ड, 170 पंचायतें टीबी फ्री
पोहरी, कोलारस और शिवपुरी विकासखंड की कुल 170 पंचायतों को आधिकारिक तौर पर टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा मिला है। एक साथ इतनी पंचायतों का मुक्त होना पूरे मध्यप्रदेश में पहला मामला है। हालांकि सम्मान समारोह में 56 पंचायतों के सरपंच-सचिव ही मौजूद रहे, लेकिन गर्व सभी 170 पंचायतों के चेहरे पर था।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव ने कहा, ये अब सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, ये शिवपुरी का जन-आंदोलन बन चुका है। अब ब्लाक स्तर पर बनेगी स्पेशल टीम, जिसमें एसडीएम से लेकर बीएमओ, एनसीसी कैडेट्स और समाजसेवी संस्थाएं होंगी, जो घर-घर दस्तक देगी।
ये नई टीम क्या करेगी? जो अब तक नहीं हुआ
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि केन्द्र ने इस ब्लाक स्तरीय टीम को 8 बड़े टास्क दिए हैं। सबसे अहम है, हर मरीज को दवा की पक्की गारंटी, फूड बास्केट देना, मरीज के संपर्क में आए हर व्यक्ति की जांच और गांव-गांव में जागरूकता। अब इलाज के साथ-साथ पोषण पर भी उतना ही फोकस है।
कैसे जीती शिवपुरी ने टीबी से जंग?
- जिले में 347 निक्षय मित्र बनाए गए हैं, जो मरीजों को गोद लेकर मदद कर रहे हैं।
- अब तक 3812 पोषण आहार किट बांटी जा चुकी हैं।
- हर चिन्हित मरीज के खाते में सीधे 1000 रुपये की आर्थिक मदद भेजी जा रही है।
- साल 2024 से अब तक 4 लाख 94 हजार 199 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 3181 टीबी मरीज मिले और उनका इलाज चल रहा है।
- 64,810 संभावित मरीजों के चेस्ट एक्स-रे कराए गए हैं।
- जांच के लिए जिले में नौ टीबी यूनिट, तीन हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन, तीनी सीबीनेट और 12 ट्रूनेट मशीनें लगाई गईं।
फैक्ट फाइल: किसे क्या मिला?
शिवपुरी की इन 170 पंचायतों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है...
- 44 पंचायतों को गोल्ड सर्टिफिकेट: यहां लगातार तीन साल से 1 से ज्यादा केस नहीं मिले।
- 64 पंचायतों को सिल्वर सर्टिफिकेट: यहां टीबी के केस में लगातार भारी गिरावट दर्ज की गई।
- 62 पंचायतों को ब्रांज सर्टिफिकेट: यहां टीबी उन्मूलन की दिशा में तय मानकों को पूरा किया गया।