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एमपी में 200 आदिवासी परिवारों को तीन महीने से नहीं मिला राशन, कहीं नहीं हुई सुनवाई तो तीन घंटे तक लगाया जाम

शिवपुरी के पिछोर तहसील में तीन गांवों के करीब 200 आदिवासी परिवारों ने तीन महीने से राशन नहीं मिलने के विरोध में चक्काजाम किया।

By Devendra SamadhiyaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 07:57:55 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 07:57:55 PM (IST)
एमपी में 200 आदिवासी परिवारों को तीन महीने से नहीं मिला राशन, कहीं नहीं हुई सुनवाई तो तीन घंटे तक लगाया जाम
राशन के लिए सड़क पर उतरे 200 आदिवासी परिवार

HighLights

  1. ग्रामीणों ने दोपहर 12 से तीन बजे तक चक्काजाम किया
  2. नायब तहसीलदार प्रतिभा पांडे मौके पर पहुंचीं, आवेदन लिए
  3. ग्रामीणों ने सेल्समैन पर कम राशन तौलने के आरोप लगाए

नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। पिछोर तहसील में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में गड़बड़ी का मामला अब सड़क तक पहुंच गया है। ग्राम पंचायत बक्सनपुर के सिमर्रा, उदयपुरा और बक्सनपुरा गांवों के करीब 200 आदिवासी परिवारों का आरोप है कि उन्हें तीन महीने से राशन नहीं दिया गया। कई स्तरों पर शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को बक्सनपुर-उदयपुरा तिराहे पर खोड़-सिरसौद मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

तीन घंटे तक सड़क पर बैठे ग्रामीण

ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक करीब तीन घंटे सड़क पर बैठकर विरोध जताया। उनका कहना था कि मंगलवार को जनसुनवाई में भी राशन नहीं मिलने की शिकायत की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा।


चक्काजाम की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार प्रतिभा पांडे मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आवेदन लिए। नायब तहसीलदार ने समस्या का जल्द निराकरण कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

कलेक्टर और खाद्य अधिकारी से शिकायत का दावा

सड़क पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वे राशन की समस्या को लेकर कलेक्टर और खाद्य अधिकारी तक शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, सेल्समैन उनसे कथित तौर पर कहता है कि वे चाहे विधायक के पास जाएं या कलेक्टर के पास, उनकी सुनवाई नहीं होगी।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें निलंबित करने की मांग भी की। उनका कहना है कि तीन गांवों के करीब 200 आदिवासी परिवार लंबे समय से राशन की समस्या से परेशान हैं।

कम राशन तौलने और शक्कर वितरण में भी आरोप

नायब तहसीलदार प्रतिभा पांडे को समस्या बताते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंट्रोल की दुकान से मिलने वाले राशन की मात्रा बाजार में दोबारा तौल कराने पर कम निकलती है। उनका कहना है कि इस तरह तौल में उनके साथ धोखाधड़ी की जा रही है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सेल्समैन एक महीने राशन देता है और अगले महीने वितरण नहीं करता। पूरे साल में उन्हें केवल तीन बार शक्कर दिए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही।

सेल्समैन बदलने का आश्वासन

ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद नायब तहसीलदार प्रतिभा पांडे ने भरोसा दिलाया कि राशन की नाप-तौल व्यवस्था सही कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित सेल्समैन को हटाकर ग्रामीणों की पसंद के व्यक्ति को सेल्समैन बनाया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीण चक्काजाम समाप्त करने के लिए तैयार हुए।

जिले में राशन व्यवस्था पर फिर सवाल

यह मामला कोलारस अनुभाग के दीघोद गांव में सेल्समैन को जेल भेजने की कार्रवाई के ठीक बाद सामने आया है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के चलते जिले में राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।