नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी। पिछोर वन परिक्षेत्र में हरियाली के नाम पर लाखों के भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता द्वारा भेजे गए तथ्यों के अनुसार वृक्षारोपण कार्य में फर्जी वाउचर, बिना हाफ फिलिंग के भुगतान और पौधों की संख्या में बड़े पैमाने पर हेरफेर कर शासकीय राशि का बंदरबांट किया गया है।
सिर्फ 5 हजार पौधे ही रोपे
जानकारी के अनुसार पिछोर के ग्राम कछौआ में वन विभाग द्वारा प्लांटेशन कराया जाना था। इस पौधरोपण को चार सेक्टर में बांटा गया था, जिसमें 25 हजार पौधे रोपे जाने थे, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
बताया जा रहा है कि सिर्फ पांच हजार पौधे ही धरातल पर रोपे गए हैं। मामले की शिकायत विभाग को दर्ज कराई गई, जिस पर एसडीओ शिवपुरी आदित्य शांडिल्य द्वारा जब अपनी टीम के साथ एक सेक्टर की मौके पर जांच की गई तो 5000 पौधों के लक्ष्य के विरुद्ध मौके पर महज 1500 पौधे ही जीवित/रोपित मिले।
एसडीओ कर चूके हैं जांच
शिकायत के मुताबिक पूरे क्षेत्र में 8 से 9 हजार गड्ढों में ही पौधारोपण हुआ है, बाकी जगह गड्ढे तक नहीं खोदे गए। कई जगह तो 2-2 ट्राली पौधे गड्ढे न होने से ऐसे ही रखे होने की बात सामने आ रही है। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार इस पूरे वृक्षारोपण कार्य में लगभग 25 लाख रुपए के भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। एसडीओ आदित्य शांडिल्य द्वारा मौके की जांच की जा चुकी है।
खाद-मिट्टी के फर्जी वाउचर का खेल
सूत्रों का कहना है कि, सबसे बड़ा घोटाला गड्ढों की भराई में हुआ। आरोप है कि मई-जून माह में बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के अपनी पसंदीदा फर्मों को कमीशन पर खाद और मिट्टी भराई के फर्जी वाउचर दिए गए। लगभग 20 लाख रुपए के वाउचर लगाकर राशि आहरित कर ली गई, जबकि मौके पर खाद-मिट्टी डाली ही नहीं गई।
सूत्रों का तर्क है कि रोपण के बाद कौन देखने जाता है कि गड्ढे में खाद डली या नहीं। रोपण के बाद होने वाला केजुअल्टी (रिप्लेसमेंट) कार्य भी नहीं कराया गया, जबकि उसका भी भुगतान कागजों पर दिखाया जा रहा है।
जांच की है, डाटा कम्पाइल कर प्रतिवेदन देंगे: शांडिल्य
इस मामले में जब एसडीओ फारेस्ट आदित्य शांडिल्य से बात की गई तो, उनका कहना था कि, प्लांटेशन तो हुआ है। इसकी जांच भी चल रही है।
मैं अभी इसी संबंध में फील्ड में ही हूं। जंगल घना होने के कारण उसे हटाने और गड्ढे देखने में दिक्कत आ रही है। फिलहाल डेटा कम्पाइल नहीं हुआ है।
जैसे ही पूरा डेटा कम्पाइल हो जाएगा मैं अपना प्रतिवेदन दे दूंगा। जो पौधा रखा है वह केजुअल्टी वाला रखा है, क्योंकि पौध रोपण हर साल होता है ऐसे में दस प्रतिशत केजुअल्टी के लिए मंगवाते हैं।
कोलारस में बने भवन की दीवारों में आने लगीं दरारें
इसी क्रम में कोलारस में हाल ही में 22 लाख रुपये की लागत से तैयार हुए नवनिर्मित भवन में दो महीने में ही दरारें आने लगी हैं।
इस भवन का लोकार्पण 5 अक्टूबर 2026 को वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव, वन मंडल अधिकारी सुधांशु यादव, व उप वन मंडल अधिकारी आदित्य शांडिल्य के आतिथ्य में हुआ।
इस संबंध में डीएफओ सुधांशु यादव का कहना है कि जो दरार बाउंड्री व अन्य स्थानों पर दिख रही हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।