नरवर किले से तोप चोरी मामला: राजस्थान के करौली के गांव में छिपे होने का अंदेशा, रंजिश और तनाव के डर से पुलिस नहीं दे पा रही दबिश
शिवपुरी समाचार: नरवर पुलिस ने 40 आरोपी बनाए हैं जिनमें से अभी तक सिर्फ तीन ही गिरफ्तार हो पाए हैं। पुलिस को मुख्य तौर पर उन पांच आरोपियों की तलाश है ज...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 26 Sep 2026 08:15:27 PM (IST)Updated Date: Sat, 26 Sep 2026 08:16:02 PM (IST)
नरवर किले के कचहरी महल में खाली पड़ी तोप की जगह (फाइल फोटो)।HighLights
- बांध के पानी के विवाद में डराने के लिए चुराई तोप
- विरोध और रास्ते बंद होने से रुकी कार्रवाई
- 40 आरोपियों में से अब तक सिर्फ 3 गिरफ्तार
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। मध्य प्रदेश पुरातत्व विभाग अंतर्गत आने वाले शिवपुरी के नरवर किले के कचहरी महल से 15 जुलाई की रात चोरी अष्टधातु की तोप का अब तक पता नहीं चल पाया है। बताया जाता है कि नरवर पुलिस सहित खुद राजस्थान पुलिस करौली के उस गावड़ी गांव में नहीं घुस पा रही है जहां तोप छिपी होने का अंदेशा है। नरवर पुलिस ने 40 आरोपी बनाए हैं जिनमें से अभी तक सिर्फ तीन ही गिरफ्तार हो पाए हैं। पुलिस को मुख्य तौर पर उन पांच आरोपियों की तलाश है जिनके नाम तोप का खपाने के संबंध में गिरफ्तार आरोपियों ने बताए हैं।
गावड़ी गांव में तोप छिपाए जाने का अंदेशा
नरवर पुलिस का मानना है कि मीणा और गुर्जर समाज के दो गांव में तनाव न बढ़ जाए इसलिए राजस्थान पुलिस का सहयोग भी औपचारिक ही मिल पा रहा है। नरवर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह का कहना है कि मामले में अब तक तीन आरोपी अमन मीणा निवासी हिंडोन और गांवड़ा मीणा निवासी टिंपू राम और लोकेश मीणा पकड़ में आ चुके हैं। गावड़ी गांव में तोप छिपाए जाने का अंदेशा है, अगर राजस्थान पुलिस का मजबूत सहयोग मिले तो गांव में घुसकर आरोपियों को पकड़ा जा सकता है।
गांव के रास्ते तक कर देते हैं हैं बंद
राजस्थान के करौली जिले में मीणा समाज के 28 गांव ऐसे हैं, जहां पड़ोसी गुर्जर समाज के गांवों से पानी और अन्य कई मामलों को लेकर विवाद चलता रहता है। इस समय भी वहां आंदोलन और प्रदर्शन चल रहे हैं।
इन गांवों से राजस्थान पुलिस को भी किसी व्यक्ति को उठाना बड़ी चुनौती से कम नहीं है। गांव के लोग चारों तरफ के रास्ते बंद कर देते हैं। वह गांव में चौकसी तक करते है।
कुछ दिन पहले जब नरवर पुलिस गावड़ी गांव के पास तक पहुंची थी तब वहां दो लोग पुलिस के हाथ लगे थे। जिनमें तोप को ले जाने वाला लोडिंग मालिक तो पकड़ लिया गया था लेकिन दूसरा आरोपित लोगों ने हंगामा कर भगा दिया था।
तोप चोरी के पीछे यह कारण आया है सामने
तोप चोरी को लेकर आरोपितों के हवाले से जो कारण सामने आया है उसके अनुसार गांवड़ा के मीणा समाज के लोगों ने पड़ोसी गांव के गुर्जर समाज के लोगों को डराने के लिए चुराई है। दोनों पक्षों में वहां के बांध के पानी को लेकर तनातनी है। पूरे गांव ने मिलकर तोप चुराने की प्लानिंग की थी। तोप चुराने का फैसला भी पंचायत में लिया था, इसलिए पुलिस कार्रवाई के विरोध में सभी एकजुट हैं।
हम तोप चोरी मामले की जांच पड़ताल में लगे हुए हैं। हमारी टीमें कई बार करौली भी जा चुकी हैं। हम पता लगा रहे हैं कि चोरी गई तोप कहां है। - आरडी प्रजापति, एएसपी, शिवपुरी।