नींद का एक झोंका और सलाखों के पीछे पहुंचा हथियार तस्कर... जाना था दतिया, पहुंच गया श्योपुर; 8 पिस्टल के साथ धराया
तस्कर ने पुलिस को बताया, अगर कभी मुखबिरी हुई तो पुलिस झांसी-दतिया की बसों को चैक करेगी। यही कारण था कि उसे श्योपुर की बस में बिठाया गया था।
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 07:37:38 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 07:38:18 PM (IST)
HighLights
- नींद की झपकी से भटका रास्ता
- तलाशी में मिलीं 8 पिस्टल्स
- तस्कर ने उगला नेटवर्क का राज
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। कहते हैं अपराधी कितना भी शातिर हो, एक छोटी सी चूक उसे सलाखों के पीछे पहुंचा देती है। शिवपुरी में शुक्रवार को पकड़े गए हथियार तस्कर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसे 8 पिस्टल की खेप लेकर बड़वानी से दतिया जाना था, लेकिन बस में झपकी लग गई और वह 250 किलोमीटर गलत रूट पर श्योपुर पहुंच गया। जब नींद खुली तो वापसी में शिवपुरी में पुलिस पहले से उसका इंतजार कर रही थी।
हथियार तस्कर को शिवपुरी में लग गई नींद
जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ नगर कॉलोनी दतिया निवासी 20 वर्षीय युवक अंशुल अहिरवार बड़वानी से अवैध पिस्टल की खेप लेकर दतिया जा रहा था।
वह पूर्व से निर्धारित रणनीति के तहत श्योपुर जाने वाली बस में सवार हो गया, ताकि शिवपुरी उतर सके, लेकिन शिवपुरी में उसे नींद का झोका आ गया और वह शिवपुरी में उतरने की बजाय बस में ही सोता रह गया। जब उसकी नींद खुली तो वह श्योपुर के रास्ते में था।
अंशुल ने बस के स्टाफ से जब यह पूछा कि शिवपुरी आ गया तो बस के स्टाफ ने उसे बताया कि शिवपुरी तो निकल गया। बस श्योपुर जा रही है, इस पर वह रास्ते में उतर गया।
खोरघार पर बस का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस ने पकड़ लिया
इधर, पुलिस मुखबिर की सूचना के आधार पर रात भर से हिम्मतपुर चौकी और सिरसौद थाने की पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई। हाईवे गश्त और बसों की तलाशी में लगी थी। इसी दौरान जब अंशुल खोरघार पर बस का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस के हाथ चढ़ गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर उससे पूछताछ कर उसकी तलाशी ली तो पुलिस को उसके पास से आठ पिस्टल और दस जिंदा राउंड मिले। एसपी यांगचेन डोल्कर भूटिया के अनुसार पिस्टलों की कीमत चार लाख रुपये है।
आरोपी ने पुलिस को बताया तस्करी का सिस्टम
आरोपी ने बताया कि हथियार की यह खेप किसी और की है, वह दूसरी गाड़ी में दतिया निकल गया। आरोपी के अनुसार वह दूसरे वाहन से बड़वानी गए। वहां से हथियार लेने के बाद मुख्य तस्कर ने उसे श्योपुर की बस में बिठा दिया और कहा कि शिवपुरी उतर कर झांसी या दतिया की बस में सवार होकर आ जाना। आरोपी के अनुसार मुख्य तस्कर बस के आगे-आगे चलता था और अगर कहीं पुलिस चेकिंग हो रही होती थी तो फोन पर आगाह करता था।
उसने बताया कि वह कभी डायरेक्ट दतिया की ओर जाने वाली बस में सवार नहीं होते थे, ताकि सुरक्षित रह सकें। तस्कर के अनुसार उनका मानना था कि अगर कभी मुखबिरी हुई तो पुलिस झांसी-दतिया की बसों को चैक करेगी। यही कारण था कि उसे श्योपुर की बस में बिठाया गया था। पुलिस ने अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।