
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। दीपावली से ठीक पहले जिले में जानलेवा शौक पर प्रशासन ने ब्रेक लगा दिया है। लोहे, स्टील और पीवीसी पाइप में कैल्शियम कार्बाइड भरकर धमाका करने वाली कार्बाइड गन को जिले में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि बाजार में ये देसी जुगाड़ 150 से 300 रुपये में बिक रहा था और बच्चे इसे खिलौना समझकर चला रहे थे। जबकि ये कोई खिलौना नहीं, बल्कि एक तरह का देसी बम है।
तेज धमाके के साथ इससे निकलने वाली चिंगारी और टुकड़ों से आंख फूटने, चेहरा जलने और कान के पर्दे फटने की घटनाएं दूसरे जिलों में सामने आ चुकी हैं। इसी खतरे को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सख्त कदम उठाया है। जिले भर में इसके बनाने, बेचने, रखने और चलाने पर रोक लगा दी गई है।
आदेश के मुताबिक शिवपुरी जिले की सीमा में कोई भी व्यक्ति, दुकानदार या संस्था इस तरह की कार्बाइड गन या तेज आवाज वाले अवैध पटाखों का निर्माण, भंडारण, खरीदी-बिक्री, या प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। ये आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और त्योहारों तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारियों को अपनी-अपनी सीमा में लगातार चेकिंग के निर्देश दिए हैं। खासकर पटाखा बाजार और हार्डवेयर दुकानों पर नजर रखने को कहा गया है, क्योंकि वहीं से पाइप और कार्बाइड की सप्लाई हो रही है।
यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत FIR और कठोर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर कहीं ऐसी गन बिकती या चलती दिखे तो तुरंत पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि किसी बच्चे या परिवार के साथ कोई बड़ी अनहोनी होने से रोकी जा सके।