• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • शिवपुरी

गोद में मासूम लेकर सड़क पर बैठी महिला, डायल-112 ने थाने ले जाने के बजाय पार्क में छोड़ा; उठे सवाल

करौंदी की एक महिला अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गई। उसका आरोप था कि, पति दूसरी महिला के साथ रहने लगा है, थाने पर शिकायत...और पढ़ें

By Devendra SamadhiyaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 10:01:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 10:04:52 PM (IST)
गोद में मासूम लेकर सड़क पर बैठी महिला, डायल-112 ने थाने ले जाने के बजाय पार्क में छोड़ा; उठे सवाल
शिवपुरी अस्पताल के सामने बीच सड़क पर बच्चे को लेकर बैठी महिला। नईदुनिया

HighLights

  1. पति पर लगाया दूसरी महिला के साथ रहने का आरोप
  2. सड़क पर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
  3. नियमों को दरकिनार कर केवल बदली 'लोकेशन'

नईदुनिया प्रतिनिधि शिवपुरी। शुक्रवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल के सामने का नजारा सिस्टम के मुंह पर तमाचा था। करौंदी की एक महिला अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गई। उसका आरोप था कि, पति दूसरी महिला के साथ रहने लगा है, थाने पर शिकायत के बाद भी सुनवाई कहीं नहीं हुई। हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ, भीड़ जुटी, जाम लगा, तब जाकर डायल-112 आई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वो डायल-112 की ट्रेनिंग मैनुअल पर ही सवाल खड़ा कर गया।

पुलिस ने महिला को समझाया-बुझाया और अस्पताल गेट से उठाकर तात्याटोपे पार्क में बिठा दिया। बस! कहानी खत्म। न कानूनी मदद, न थाने तक मदद।

क्या कहते हैं नियम

  • डायल-112 सिर्फ पीआरवी वैन नहीं, इंटीग्रेटेड इमरजेंसी सिस्टम है। मध्यप्रदेश में 100, 108, 101, 1090, 181, 1098 सबको 112 में इंटीग्रेट किया गया है। यानी एक काल पर पुलिस, एंबुलेंस, महिला हेल्पलाइन सबकी मदद मिलनी चाहिए।
  • महिला से जुड़ी हर काल को डब्ल्यूसीडी कंट्रोल रूम में पुश करने का नियम है। सरकार के अनुसार सभी महिला और बच्चों से जुड़ी काल्स को डब्ल्यूसीडी कंट्रोल रूम में भेजा जाता है, जहां जरूरत पड़ने पर 181 महिला हेल्पलाइन और 1098 चाइल्ड लाइन पर काउंसलिंग के लिए ट्रांसफर किया जाता है।

  • रेस्क्यू का मतलब थाने और काउंसलिंग है, पार्क नहीं।
  • क्या कहता है एसओपी

    स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजन के अनुसार रेस्क्यू किए गए व्यक्ति को स्थानीय थाने ले जाया जाए और पीड़ित को साइको-सोशल काउंसलिंग दी जाए। साथ ही वन स्टाप सेंटर (सखी) के तहत पुलिस फैसिलिटेशन, मेडिकल एड, लीगल एड, काउंसलिंग और पांच दिन तक अस्थायी शेल्टर तक देना अनिवार्य है।

    यहां क्या हुआ?

    न पीड़िता को महिला थाने ले जाया गया, न 181 से कनेक्ट किया गया, न वन स्टाप सेंटर सखी की मदद दिलाई गई, न घरेलू हिंसा और भरण-पोषण की शिकायत दर्ज कराई गई। सिर्फ लोकेशन बदली गई-अस्पताल गेट से पार्क। मानो समस्या अस्पताल गेट पर थी, महिला की जिंदगी में नहीं।

    यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है, मैं दिखवाता हूं कि, मामला क्या था। डायल-112 के स्टाफ से पता करता हूं, आखिर हुआ क्या था? इसी के बाद प्रकरण में उचित कार्रवाई की जाएगी। - रोहित दुबे टीआई, कोतवाली