शिवपुरी: सहकारी बैंक की बैठक में उठा 16.78 लाख के गबन का मुद्दा, कलेक्टर के निर्देश पर बैंक मैनेजर और सोसायटी प्रबंधक गिरफ्तार
पुलिस ने सहकारी बैंक की पोहरी शाखा के ब्रांच मैनेजर नत्थीलाल शर्मा व सोसायटी के सहायक समिति प्रबंधक सत्यवीर यादव पर एफआइआर दर्ज की गई। दोनों को गिरफ्त...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 09:57:26 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 09:57:59 PM (IST)
HighLights
- वार्षिक सभा में शिकायत मिलते ही कलेक्टर का तत्काल एक्शन
- खाद बिक्री और गेहूं खरीदी खाते से 16.78 लाख का हेरफेर
- खाद बिक्री और गेहूं खरीदी खाते से 16.78 लाख का हेरफेर
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। किसानों के नाम पर आए खाद के रुपये बैंक तक नहीं पहुंचे और गेहूं खरीदी के खाते से लाखों का ट्रांसफर कर दिया गया। छर्च की प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था में 16.76 लाख का गबन का मामला बुधवार को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शिवपुरी की 107वीं वार्षिक साधारण सभा में आते ही कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तुंरत पुलिस बुला दी।
कमेटी गठित कर मौके पर ही जांच कराई, जिसके बाद गुरुवार को पुलिस ने सहकारी बैंक की पोहरी शाखा के ब्रांच मैनेजर नत्थीलाल शर्मा व सोसायटी के सहायक समिति प्रबंधक सत्यवीर यादव पर एफआइआर दर्ज की गई। दोनों को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसे उन्हें जेल भेज दिया गया है।
बैंक प्रतिनिधि ने उठाया घोटाले का मामला
बैठक में बैंक प्रतिनिधि अरविन्द सिंह तोमर ने कलेक्टर के समक्ष सेवा सहकारी संस्था छर्च में हुए घोटाले का मामला उठाया था। मौखिक शिकायत के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल एक्शन लेकर अनूठा उदाहरण पेश किया है। बैठक में ही दोनों को हिरासत में लेकर थाने भिजवाने के निर्देश के साथ ही पूरी राशि तत्काल जमा करने का अल्टीमेटम दिया था। सहकारी बैंक के सीईओ आरएस भदौरिया ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी ने सालों के घोटाले की चंद घंटों में जांच की और कुल 16 लाख 78 हजार 828 रुपये का गबन पाया गया।
जांच टीम ने पोहरी शाखा के खाता नंबर 172003441267 का स्टेटमेंट निकाला। इसमें पाया गया कि खाद बिक्री की राशि पांच लाख चार हजार 828 रुपये ब्याज सहित बैंक में जमा ही नहीं हुई। सत्यवीर यादव ने यह राशि अनाधिकृत रूप से निजी उपयोग में ले ली।
इसी दौरान संस्था के दूसरे खातों-खाता क्रमांक 672061022616 और कैश क्रेडिट गेहूं खरीदी खाता क्रमांक 172001641042 की भी जांच हुई।
इसमें सामने आया कि गेहूं खरीदी के कैश क्रेडिट खाते से 11 लाख 74 हजार रुपये निकाल कर खाद के कैश क्रेडिट खाते में अवैध रूप से जमा दिखा दिया गया और फिर उसका गबन कर लिया गया। इसी के आधार पर छर्च थाने में दोनों आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(5) के तहत अपराध कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।