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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्चे का पढ़ाई में मन न लगे तो हो सकता है कि वह मानसिक तनाव में हो

शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि चाइल्ड लाइन वोलेंटियरों की बैठक बुधवार को हुई। इसमें उन्हें बाल श्रम अधिनियम 1986, धूम्रपान नशा के दुष्परिणाम ,किशोर न्याय अधिनियम 2015 ,पोक्सो एक्ट 2012 की जानकारी से अवगत कराया। मुख्य अतिथि बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सुषमा पांडे थीं। अध्यक्षता नोडल चाइल्डलाइन प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदेश बंसल ने की। डॉ. सुषमा पांडे ने

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 23 Mar 2022 08:43:05 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Mar 2022 08:43:05 PM (IST)
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बच्चे का पढ़ाई में मन न लगे तो हो सकता है कि वह मानसिक तनाव में हो

शिवपुरी। नईदुनिया प्रतिनिधि

चाइल्ड लाइन वोलेंटियरों की बैठक बुधवार को हुई। इसमें उन्हें बाल श्रम अधिनियम 1986, धूम्रपान नशा के दुष्परिणाम ,किशोर न्याय अधिनियम 2015 ,पोक्सो एक्ट 2012 की जानकारी से अवगत कराया। मुख्य अतिथि बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सुषमा पांडे थीं। अध्यक्षता नोडल चाइल्डलाइन प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदेश बंसल ने की। डॉ. सुषमा पांडे ने कहा कि बच्चे अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी जाने एवं किशोर न्याय से भी परिचित हों इसके लिए आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

संदेश बंसल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा हर बच्चों के अपने चार अधिकार प्राप्त हैं जिसकी उन्हें जानकारी होना चाहिए। जब भी देखें कि बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है तो यह इस बात का संकेत है कि वह कहीं ना कहीं मानसिक तनाव में है। पढ़ाई छूटने से बच्चों के सामने अनेकों जोखिम बढ़ जाते हैं। बच्चों को मजदूरी भीख मांगने या कचरा कबाड़ा बीनने में भी लगाया जा सकता है। उनका कम उम्र में विवाह किया जा सकता है। पढ़ाई से दूर रहने वाले बच्चे गलत लोगों के साथ बैठेंगे तो नशे की आपराधिक गतिविधियों से भी जुड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें उचित परामर्श एवं भावनात्मक सहयोग की बहुत जरूरत होती है। यदि बच्चे ऐसी स्थिति में हैं तो चाइल्डलाइन 1098 को सूचित करें। विशेष किशोर पुलिस इकाई से प्रधान आरक्षक हर्ष झा ने एसजेपीयू की कार्यप्रणाली से सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम में एसजेपीयू से प्रधान आरक्षक संजय शिवहरे, चाइल्ड लाइन काउंसलर सृष्टि ओझा, टीम मेंबर हिम्मत सिंह, संगीता चह्वाण, अपसार बानो, विनोद परिहार, सुल्तान सिंह आदि उपस्थित थे।


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