
शिवपुरी के सतनवाड़ा क्षेत्र की घटना
शिवपुरी। जिला भीषण जल संकट से जूझ रहा है और अब पानी के लिए लोग एक दूसरे का खून बहाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। ऐसा मामला सतनवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम कांकर में सोमवार को सामने आया, जहां महज 15 लीटर पानी की कट्टी फैली तो विवाद इतना बढ़ा कि जमकर लाठी व कुल्हाड़ी चली और दो पक्षों के लोग आपस में उलझ गए। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के 15 लोग घायल हो गए, इनमें 5 महिलाएं भी हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी मिलने पर पुलिस गांव पहुंची, जहां तनाव के हालात पर काबू पाया और दोनों पक्षों के विरुद्घ बलवे सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
ऐसे घटा घटनाक्रम
बताया जा रहा है कि सुबह 8 बजे बृखभान धाकड़ जब बाइक पर पानी की कट्टी टांगकर अपने घर जा रहा था, तभी रास्ते में अनिल धाकड़ बृखभान की बाइक से टकरा गया और पानी की कट्टी फैल गई। जिस पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। यहां अनिल ने बृखभान के साथ मारपीट कर दी। घटना में घायल बृखभान ने बताया कि अनिल ने अपने परिवार के सदस्यों को बुला लिया, जो हाथों में लाठी, लुहांगी, फरसे और कुल्हाड़ी लेकर आ पहुंचे, जहां उन्होंने उसके परिवार पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से सभी लोग अवाक रह गए। महिलाएं बीच बचाव में आईं तो उन पर भी हमला कर दिया और घर में रखा सामान फेंकना शुरू कर दिया। इस घटना में बृखभान, रामजानकी, शिशुपाल, राजरूप, भारती, सीताराम, रामप्रकाश, भूरी, कोचाबाई, मनीषा धाकड़ घायल हुए, वहीं दूसरे पक्ष से चुन्नीलाल, मुरारीलाल, हरज्ञान, मलूका, और नरेश घायल हो गए, जिनमें से बृखभान, चुन्नीलाल और मुरारीलाल की हालत गंभीर है।
थाना प्रभारी, सतनवाड़ा जयसिंह यादव ने कहा कि ग्राम कांकर में पानी फैलने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था और गांव में तनाव के हालात निर्मित हो गए थे। मौके पर पहुंचकर तनाव शांत कराया व दोनों पक्षों के विरुद्घ क्रॉस केस कायम किया है। घटना में दोनों पक्षों के 15 लोग घायल हैं।
पानी के लिए जा चुकी हैं जानें
2001 में ग्राम खजूरी में पानी को लेकर दादी और नाती की जान भी जा चुकी है। यहां महिला पुनिया कुशवाह व उसके नाती नरेश को टपरिया में जिंदा जला दिया गया था। गांव में पानी की समस्या थी और पानी भरने को लेकर इनका विवाद हो गया था, जिसके बाद इनके खेत पर टपरिया को जलाकर इनकी हत्या कर दी गई थी।
शहर के चीलोद में कुछ साल पहले दो पक्षों में पानी को लेकर विवाद हो गया था, जिसके चलते दो पक्षों में मारपीट हुई और एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद से यहां आज भी हालात तनावपूर्ण रहते हैं।
कई क्षेत्रों में चल चुके हैं लाठी, फरसे
कुछ साल पहले बड़ागांव में हैंडपंप से पानी भरने के विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया और विवाद इतना गहरा गया कि गुर्जर समुदाय के दो पक्षों में लाठियां और फरसे चले, जिसमें दोनों पक्षों के करीब 12 लोग घायल हो गए थे।
कुछ साल पहले ग्राम मझेरा में भी पानी भरने के विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें करीब 7 लोग घायल हुए।
एक माह पहले ग्राम अटलपुर में भी पानी को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था और इस घटना में करीब 5 लोग घायल हो गए थे।
बीते साल सईसपुरा में भी पानी को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट हुई और इसमें दो लोग घायल हुए। वहीं सुभाष कॉलोनी में भी नलकूप से पानी भरने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था, जिसमें 2 लोग घायल हुए थे।
जिले में इन स्थानों पर भी हालात विकराल
बात यदि शिवपुरी जिले की करें तो यहां बदरवास विकासखंड के ग्राम अटलपुर, ऊमरी, ब्रम्हथाना, शिवपुरी विकासखंड के सतनवाडा, कांकर, सुरवाया, राजा की मुढैरी, भैसाना कोलारस के हीरापुर, बौलाज, टीला सहित अन्य इलाके जैसे दिनारा, करैरा, खनियांधाना, बैराड़ व पिछोर के कई गांव पानी की बूंद-बूंद के लिए परेशान हो रहे हैं।