Shivpuri News: तीसरी बार पिछोर में प्रीतम को मौका, 30 साल से लगातार हार रही BJP, बोले- विवाद से हुआ लाभ
भारतीय जनता पार्टी ने चौंकाते हुए गुरुवार को 39 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी। जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा ने एक बार फिर प्रीतम लोधी को प्रत्याशी बनाया है।
By Nai Dunia News Network
Edited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Thu, 17 Aug 2023 07:38:36 PM (IST)
Updated Date: Fri, 18 Aug 2023 04:50:41 PM (IST)
तीसरी बार पिछोर में प्रीतम को मौका।शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय जनता पार्टी ने चौंकाते हुए गुरुवार को 39 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी। जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा ने एक बार फिर प्रीतम लोधी को प्रत्याशी बनाया है। लगातार तीसरी बार भाजपा ने प्रीतम लोधी को टिकट दिया है। पिछोर सीट कांग्रेस की पारंपरिक सीट है और यहां पिछले तीस साल से लगातार केपी सिंह जीतते हुए आ रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में जीत काफी नजदीकी अंतर से हुई थी।
वर्ष 2018 के चुनाव में जीत का अंतर महज 2675 मतों का ही था। यही कारण है कि भाजपा एक बार फिर लोधी वोट बैंक के सहारे कांग्रेस के अभेद किले में सेंध लगाने की तैयारी में है। हालांकि अचानक से चुनाव के कई दिनों पहले प्रत्याशी की घोषणा ने स्थानीय नेताओं को भी चौंका दिया है। 21 अगस्त को पिछोर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दौरा भी प्रस्तावित है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रहेंगे। इस आमसभा के जरिए जिले में भाजपा के चुनाव अभियान की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी दो बार मुख्यमंत्री का पिछोर में कार्यक्रम बन चुका है, लेकिन दोनों बार वह निरस्त हो गया था।
छह साल के लिए हुए थे पार्टी से निष्कासित
छह महीने के अंदर लौटे पिछले साल ब्राह्मण समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद चर्चाओं में आ गए थे। पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज ने प्रीतम का विरोध किया था और शिवपुरी सहित कई जिलों में उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई थी। इस घटनाक्रम के बाद लोधी समाज और ब्राह्मण समाज में भी टकराव की स्थिति बन गई थी। उसके बाद भाजपा ने 19 अगस्त 2022 को प्रीतम लोधी को निष्कासित कर दिया था।
भाजपा से निष्कासित होने के बाद उन्होंने ओबीसी महासभा के साथ मिलकर प्रदेश में कई जगह शक्तिप्रदर्शन किया। भाजपा ने भी पिछोर में लोधी वोट बैंक को देखते हुए छह महीने के अंदर की छह साल के निष्कासन को समाप्त कर दिया। इस प्रकरण से प्रीतम का लोधी वोट बैंक और मजबूत हुआ है। उन्होंने ब्राह्मण समाज से माफी मांगकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास भी किया है।
30 साल से कांग्रेस का गढ़ पिछोर
विधायक केपी सिंह पिछले छह बार से विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वर्ष 2018 के चुनाव में केपी सिंह को 91463 और प्रीतम लोधी को 88788 मत मिले थे। इसके पहले वर्ष 2013 के चुनाव में भी यही दोनों प्रत्याशी आमने-सामने थे। केपी सिंह ने भाजपा के प्रीतम लोधी को 7 हजार 113 वोट से हराया। पिछोर में लोधी समाज के करीब 45 हजार वोट हैं और यही भाजपा के टिकट का सबसे बड़ा आधार है। प्रीतम के पहले भी भाजपा ने अन्य लोधी उम्मीदवारों पर दाव खेला है, लेकिन कांग्रेस का किला नहीं ढहा पाए।
इस बार मैं नहीं जनता चुनाव लड़ेगी
टिकट मिलने पर प्रीतम लोधी ने कहा कि पार्टी ने तीसरी बार भरोसा किया है, तो अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही है। टिकट कैंडीडेट को नहीं, बल्कि जनता को मिला है। पिछोर में आज रोजगार नहीं है और युवा बाहर रहने को मजबूर हैं और यही मेरी प्राथमिकता है कि नौजवानों को यहीं रोजगार दें।
विवाद से हुआ लाभ
विवादित बयान पर हुए बवाल पर प्रीतम लोधी ने कहा कि इससे तो मुझे बहुत लाभ ही मिला है। पूरी ब्राह्मण लाबी मेरे साथ है क्योंकि वह समझ गई है कि वीडियो को किस तरह से काट छांटकर प्रसारित किया था। पिछोर को जिला बनाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले ही मुख्यमंत्री को आवेदन दे दिया है। सीएम ने भी अधिकारियों को सर्वे के लिए बोला है।