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शिवपुरी में खाद संकट: ई-टोकन और गोदाम में ढेर होने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे किसान, अधिकारियों के दावों की खुली पोल

हालात यह हैं कि किसान ई-टोकन बुक कर रहे हैं, घंटों लाइन में लग रहे हैं, और समिति के अंदर खाद के कट्टे रखे होने के बावजूद उन्हें बैरंग लौटाया जा रहा है...और पढ़ें

By Devendra SamadhiyaEdited By: Rajdil Shivhare
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 05:36:00 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 05:36:31 PM (IST)
शिवपुरी में खाद संकट: ई-टोकन और गोदाम में ढेर होने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे किसान, अधिकारियों के दावों की खुली पोल
गोदाम के अंदर रखा खाद का स्टॉक। नईदुनिया

HighLights

  1. टोकन के बाद भी नहीं मिल रहा खाद
  2. गोदाम में ढेर, फिर भी स्टॉक खत्म
  3. पोर्टल चालू, वितरण शून्य; किसानों में गुस्सा

नईदुनिया न्यूज शिवपुरी (कोलारस)। शासन की ई-टोकन व्यवस्था को किसानों की सुविधा के लिए लाया गया था, लेकिन शिवपुरी जिले के कोलारस की पचावली सहकारी समिति पर यह व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। हालात यह हैं कि किसान ई-टोकन बुक कर रहे हैं, घंटों लाइन में लग रहे हैं, और समिति के अंदर खाद के कट्टे रखे होने के बावजूद उन्हें बैरंग लौटाया जा रहा है।

बुकिंग कन्फर्म, वितरण ठप

पचावली समिति पर ताजा मामला किसान रामवीर दांगी का है। उनके बेटे उमेश दांगी के अनुसार उन्होंने खाद के लिए एक-दो बार नहीं, बल्कि तीन बार ऑनलाइन ई-टोकन बुक किया। टोकन लेकर जब-जब पिता-पुत्र समिति पहुंचे, संचालक ने खाद देने से मना कर दिया। उनके अनुसार ई-टोकन होने के बाद लगता है कि अब खाद मिल जाएगा, लेकिन समिति पर पहुंचते ही वही जवाब-खाद नहीं है। तीन बार टोकन कटाया, तीनों बार खाली हाथ लौटना पड़ा। बोवनी का सीजन सिर पर है। खाद न मिलने से किसानों की फसल पिछड़ने का डर सता रहा है।


समिति संचालक बोला, स्टॉक नहीं है

इस संबंध में समिति संचालक कैलाश दांगी का तर्क है कि सोसायटी में खाद का स्टॉक नहीं है। लेकिन यहीं से व्यवस्था पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि, अगर स्टॉक नहीं है तो ई-टोकन पोर्टल पर बुकिंग क्यों ली जा रही है? पोर्टल बुकिंग स्वीकार कर रहा है और जमीन पर वितरण जीरो है। जो कहीं न कहीं ऑनलाइन धांधलेबाजी को दर्शा रहा है।

कैमरे में कैद हुआ खाद का स्टॉक

समिति संचालक ने जब खाद का स्टॉक न होने की बात कही तो नईदुनिया संवाददाता ने किसी तरह गोदाम के अंदर जाकर स्टाक की स्थिति जानने का प्रयास किया। इस दौरान गोदाम के अंदर डीएपी और यूरिया खाद के कट्टे रखे हुए थे, जो नईदुनिया के कैमरे में भी कैद हुए हैं। अगर गोदाम के अंदर खाद का स्टाक है तो फिर समिति संचालक द्वारा खाद न होने की बात आखिर क्यों कही जा रही है?

किसान को खाद उपलब्ध नहीं हो पाने के मामले को दिखवाया जाएगा। यदि अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो मामले की जांच कराकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - शिवदयाल धाकड़, एसडीएम कोलारस