
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। शहर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला तारकेश्वरी कॉलोनी का है, जहां अधिवक्ता कैलाश चंद्र के सूने ऑफिस पर बिना अनुमति और बिना सहमति के चालू मीटर बदलने पर हंगामा हो गया। जब ठेकेदार के कर्मचारियों ने पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया तो लोग भड़क गए। विरोध होने पर ठेका कंपनी के लोगों ने स्मार्ट मीटर निकालकर फिर से पुराना मीटर लगा दिया।
स्मार्ट मीटरों को लेकर लोगों का कहना है कि बिना बताए घरों में मीटर लगाए जा रहे हैं। कई लोगों ने शिकायत की है कि जब से स्मार्ट मीटर लगे हैं, तब से बिजली का बिल घर की खपत से तीन गुना यूनिट बन रहा है। लोग शिकायतें करते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। इधर बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि ज्यादा बिल की शिकायत आएगी तो तत्काल मीटर चेक कराया जाएगा।
कंपनी बिना आपकी लिखित सहमति और उपस्थिति के आपका चालू मीटर नहीं निकाल सकती। हाईकोर्ट ने भी इस पर रोक लगाई है। मीटर बदलने आए कर्मचारियों से उनका आई-कार्ड और कंपनी का लिखित आदेश जरूर देखें। अगर जबरन मीटर बदला जा रहा है तो उसका वीडियो बनाएं और 1912 या बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारी को शिकायत करें।
केस 1: 19 सितंबर को वार्ड क्र. 10 कृष्णपुरम कॉलोनी में भी बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाने पर हंगामा हुआ था। उपभोक्ता तुलसी नामदेव की पत्नी वंदना द्वारा मना करने पर कनेक्शन काटने की धमकी का आरोप लगा था। यह मामला सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
केस 2: करौंदी निवासी रूपवती प्रजापति ने अगस्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके घर में दो बल्ब और एक पंखा चलता है, फिर भी चार हजार रुपये का बिल आया। मजदूरी करने वाले परिवार ने दो बार आवेदन दिया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
बिजली कंपनी के ठेकेदार की लेबर ने उस समय मीटर बदला जब मेरे आफिस पर ताला लगा हुआ था। मीटर बदलने के लिए मेरी कोई सहमति नहीं ली गई। यह नियमों और उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। ऐसे में लेबर को मेरा पुराना मीटर वापस लगाना पड़ा।
-कैलाश चंद्र जैन, अधिवक्ता
यह बात सही है कि स्मार्ट मीटर समझाइश और सहमति से बदलना है। जिन वकील साहब के यहां विवाद हुआ था, परंतु उन्होंने मना किया तो मीटर नहीं बदला गया। मीटर फास्ट चलने की बात सिर्फ भ्रम है। ऐसी स्थिती में हम पुराने मीटर को चेक मीटर के रूप में भी लगा रहे हैं, ताकि उपभोक्ता दोनों की रीडिंग का मिलान कर सके कि, दोनों मीटर एक ही तरह की रीडिंग बता रहे हैं।
-संदीप कालरा, एसई, एमपीविविकं